जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: रूस में कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स तक पहुंच अचानक बंद हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, व्हाट्सएप, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म देश के भीतर काम नहीं कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इन वेबसाइट्स के डोमेन नाम रूस के राष्ट्रीय डोमेन नेम सिस्टम (DNS) से हटा दिए गए हैं।
पहले जहां कुछ विदेशी प्लेटफॉर्म्स की स्पीड धीमी की जाती थी, इस बार कदम ज्यादा सख्त बताया जा रहा है। मौजूदा स्थिति में ये वेबसाइट्स पूरी तरह “अदृश्य” हो गई हैं। यूजर जब इन साइट्स को एक्सेस करने की कोशिश करते हैं तो सिस्टम संबंधित IP एड्रेस नहीं ढूंढ पाता और स्क्रीन पर डोमेन मौजूद न होने का एरर मैसेज दिखाई देता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिर्फ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ही नहीं बल्कि कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों की वेबसाइट्स भी प्रभावित हुई हैं। इनमें बीबीसी, डॉयचे वेले और रेडियो फ्री यूरोप/रेडियो लिबर्टी जैसी साइट्स शामिल हैं। इसके अलावा गुमनाम ब्राउजिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला टॉर ब्राउजर भी ब्लॉक कर दिया गया है।
रूस में इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के लिए राष्ट्रीय DNS सिस्टम का उपयोग अनिवार्य है। यह सिस्टम Roskomnadzor नामक सरकारी एजेंसी की निगरानी में संचालित होता है, जो “सॉवरेन इंटरनेट” कानून के तहत इंटरनेट नियंत्रण लागू करती है।
बताया जाता है कि 2021 से ही रूस ने Google DNS जैसी वैकल्पिक DNS सेवाओं के इस्तेमाल पर धीरे-धीरे पाबंदियां लगानी शुरू कर दी थीं। ताजा कदम को इंटरनेट पर सरकारी नियंत्रण को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस कार्रवाई से रूस में विदेशी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और अंतरराष्ट्रीय मीडिया की पहुंच लगभग समाप्त होने की स्थिति में पहुंच गई है। इससे देश के भीतर रहने वाले लोग वैश्विक सेवाओं और बाहरी खबरों के कई स्रोतों से कट सकते हैं।

