- संयुक्त व्यापार संघ के महामंत्री ने की दरों में संशोधन करने की मांग
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कैंट बोर्ड की ओर से लागू किये गये ट्रेड लाइसेंस का सदर व्यापार संगठन ने विरोध किया है। उन्होंने ट्रेड लाइसेंस का निर्णय वापस लिये जाने की मांग की है। ऐसा न होने पर सदर व्यापार संगठन अपनी दुकान बंद कर धरने पर बैठेगा।
वहीं संयुक्त व्यापार संगठन के महामंत्री ने भी कैंट बोर्ड की ओर से ट्रेड लाइसेंस शुल्क पर आपत्ति और सुझाव मांगे जाने की बात कही है। व्यापारियों का कहना है पहले ही व्यापारी कोरोना की मार झेल रहे हैं ऐसे में ट्रेड लाइसेंस शुल्क उनके लिये काफी नुकसान दायक होगा।
बता दें के रक्षा मंत्रालय की ओर से देश की 62 छावनियों में ट्रेड लाइसेंस शुल्क शुरू किये जाने की योजना थी। जिसका शुभारंभ 16 फरवरी को हुआ। इसमें मेरठ छावनी की बात करें तो करीब 21 व्यापारियों ने इसके लिये आवेदन भी किया और मंगलवार को हुई बोर्ड बैठक में उनके आवेदन लेने पर सहमति भी हुई।
हालांकि यहां सदर व्यापार संघ व अन्य व्यापार संगठनों ने ट्रेड लाइसेंस शुल्क देने से मना करते हुए हंगामा भी किया था। जिसके बाद बोर्ड बैठक में इस पर निर्णय लिये जाने की बात हुई थी। बोर्ड बैठक से पूर्व ही लाइसेंस शुल्क तय करने के लिये कैंट उपाध्यक्ष बीना वाधवा की अध्यक्षता में एक समिति बनी। समिति की ओर से व्यापार क्षेत्र का निरीक्षण कर उनकी केटेगिरी के हिसाब से ट्रेड लाइसेंस शुल्क तय किया गया।
जिस पर बोर्ड बैठक में उस लाइसेंस शुल्क को लागू करने का निर्णय लिया गया। अब कैंट क्षेत्र के व्यापारियों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है। व्यापारियों का कहना है कि यह क्षेत्र के व्यापारियों के हित में नहीं है। व्यापारी कहां से लाखों रुपये का टैक्स दे पाएंगे।
जबकि वह पहले से ही जीएसटी, श्रम विभाग आदि को कर देते आ रहे हैं ऊपर से ट्रेड लाइसेंस शुल्क की मार वह नहीं झेल पाएंगे। छावनी बोर्ड के इसी निर्णय को लेकर जब व्यापारियों से बात की गई तो उन्होंने इसका पुरजोर तरीके से विरोध किया।
मेरठ व्यापार मंडल ने भी किया ट्रेड लाइसेंस का विरोध
मेरठ व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष जीतू नागपाल व जिला प्रमुख सचिव शैंकी वर्मा ने कैंट बोर्ड सीईओ को ज्ञापन देकर ट्रेड लाइसेंस शुल्क का विरोध किया। उन्होंने कहा कि व्यापारी अभी पूरी तरह कोरोना से बाहर भी नहीं निकला है और ऐसे में ट्रेड लाइसेंस शुल्क व्यापारी हित में नहीं है। उन्होंने इस प्रकार की नीति को लागू न किये जाने की मांग की।
बोर्ड को मांगनी चाहिए आपत्ति और सुझाव
संयुक्त व्यापार संगठन के महामंत्री सरदार दलजीत सिंह का कहना है कि रक्षा मंत्रालय की ओर से शुरू किया गया ट्रेड लाइसेंस शुल्क का निर्णय उनकी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार लाएगा। देश को रेवन्यू भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमे ट्रेड लाइसेंस शुल्क से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन इसकी दरें तर्क संगत नहीं है। कैंट बोर्ड को इसमें संशोधन करना चाहिए। बोर्ड अधिकारियों को चाहिए कि वह इसमें व्यापारियों से आपत्ति और उनके सुझाव मांगे।
व्यापारी दुकाने बंद कर देंगे धरना
सदर व्यापार संगठन के अध्यक्ष सुनील दुआ का कहना है कि सदर व्यापार संगठन के व्यापारी किसी भी कीमत पर कैंट बोर्ड को ट्रेड लाइसेंस शुल्क नहीं देंगे चाहे इसके लिये उन्हें अपनी दुकाने ही क्यों न बंद करनी पड़ें। उन्होंने दुकानों पर ताला लगाकर उनकी चाबी कैंट बोर्ड सीईओ को सौंपने की बात कही।
उनका कहनाा है कि पहले ही कोरोना के कारण व्यापार मंदा पड़ा है ऐसे में व्यापारी कहां से नया टैक्स दे पाएंगे। व्यापारी जीएसटी भरता आ रह है, श्रम विभाग को भी टैक्स देता है ऐसे में यह लाइसेंस शुल्क इससे व्यापारियों पर दोहरी मार पड़ेगी।
डीएम से मिलेंगे व्यापारी
सदर व्यापार संगठन के महामंत्री अमित बंसल का कहना है कि वह ट्रेड लाइसेंस शुल्क कतई नहीं देंखे। शोरूम संचालकों पर एक लाख रुपये का ट्रेड लाइसेंस शुल्क तय किया गया है। व्यापारी इतना शुल्क कहां से जमा कर पाएंगे। पहले ही बाजार में मंदी है। अपने बच्चों की स्कूल की फीस तक व्यापारी नहीं दे पा रहे हैं।
पहले खाने पीने की चीजें बेचने वाले दुकानदारों पर ट्रेड शुल्क लगाया गया था अब कैंट बोर्ड की ओर से सभी व्यापारियों पर ट्रेड लाइसेंस शुल्क लगाया गया है जो गलत है। व्यापारी इसे लेकर डीएम और कैंट बोर्ड सीईओ से मुलाकात करेंगे।

