- अध्यादेश के खिलाफ भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन आरपार की लड़ाई लड़ने से नहीं हटेंगे पीछे
- किसानों के आंदोलन को बंद कराने की जुगत में जुटा पुलिस प्रशासन
जनवाणी संवाददाता |
बड़ौत: किसान विरोध अध्यादेश लाने के विरोध में भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन ने बावली गांव में बेमियादी सत्याग्रह आंदोलन शुरू कर दिया गया है। वक्ताओं का कहना था कि किसी भी सूरत में किसान विरोधी अध्यादेश लागू नहीं होने दिए जाएंगे।
जिसके विरोध में सड़क पर आकर आरपार की लड़ाई लड़ने से भी पीछे नहीं हटा जाएगा। जिसके लिए रणनीति बनाई जाएगी और गांव-गांव बैठक करके किसानों को अधिक से अधिक संख्या में आंदोलन से जोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है।
किसान विरोध अध्यादेश लाने पर सरकार के खिलाफ भारतीय किसान मजदूर संयुक्त यूनियन ने बावली गांव में हवन कर सत्याग्रह आंदोलन का आगाज कर दिया है।
इस अवसर पर यूनियन के राष्ट्रीय संयोजक मनवीर तेवतिया ने कहा कि सरकार किसानों को बर्बाद करने पर तुली हुई है। सरकारी मंडी को समाप्त करने, फसलों का निर्धारित न्यूनतम मूल्य खत्म करने आदि का अध्यादेश लाने जा रही है।
जिससे किसान मजदूर भूखखमरी की कगार पर होंगे। जिसकी सरकार को कोई परवाह नहीं है। उन्होंने कहा कि सी भी सूरत में अध्यादेश को पास नहीं होने दिया जाएगा।
जिसके विरोध में बेमियादी सत्याग्रह आंदोलन का आगाज कर दिया गया है। गांव-गांव में बैठक कर किसानों को आंदोलन से जोड़ने का काम शुरू कर दिया गया है। किसानों को एक मंच पर लाकर आंदोलन को सफल बनाया जाएगा।
अध्यादेश के विरोध में सड़कों पर आरपार की लड़ाई लड़ने से भी पीछे नहीं हटा जाएगा। किसानों की एकजुटता को देखते हुए पुलिस-प्रशासन के पसीने छूटने शुरू हो गए है।
पुलिस आंदोलन में भाग लेने के लिए आने वाले किसानों को रोक रही है और आयोजकों को आंदोलन को समाप्त करने की हिदायत दे रही है। लेकिन पुलिस व प्रशासन की सख्ती का किसानों पर कोई असर नहीं है।
इस मौके पर यूनियन के जिलाध्यक्ष वरूण कुमार शर्मा, धीर सिंह तोमर, चौधरी ब्रजपाल सिंह, आदित्य सोलंकी, वीरपाल, रणवीर बैंसला, रवि शास्त्री, महेन्द्र त्यागी, जितेन्द्र तोमर, ओमप्रकाश एडवोकेट, दीपक शर्मा, विक्रम सिंह आर्य आदि मौजूद थे।

