- प्रथम श्रेणी में 46 मैच खेल चुके हैं सौरभ कुमार, कुल औसत 24.15 का
- कुल 196 विकेट लेकर अपने को साबित किया
- 16 बार एक इनिंग में पांच विकेट लेने का दिखा चुके कारनामा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: बुलंद हौसलों के धनी मुजफ्फरनगर के रहने वाले सौरभ कुमार का चयन भारतीय टेस्ट क्रिकेट व टी-20 टीम में हुआ है। इससे पहले सौरभ अपने खेल की बदौलत आईपीएल में पंजाब व पूणे की टीम का हिस्सा रह चुके हैं, लेकिन अबकी बार उन्हें किसी टीम ने नहीं खरीदा। अब उनके राष्टÑीय टीम में चयन होने के बाद पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।
मूलरूप से जिला मुजफ्फरनगर के गांव बिटावदा निवासी सौरभ के पिता आकाशवाणी से रिटायर्ड है। उनका बचपन बड़ौत में गुजरा है। 12 साल पहले सौरभ अपने परिवार के साथ मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र की सैनिक विहार कॉलोनी में रहने आ गए थे। कोच तनकीब के प्रशिक्षण में गांधी बाग में प्रैक्टिस की, लेकिन कुछ समय पहले ही मेरठ से गाजियाबाद शिफ्ट हो गए।
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज व टी-20 के लिए हुआ चयन
लेफ्ट आर्म आॅफ स्पिनर सौरभ अच्छी खासी बल्लेबाजी भी करते हैं। इसलिए उन्हें एक अच्छे आॅलराउंडर के रूप में जाना जाता है। 2014 में वह यूपी रणजी टीम में भी खेल चुके हैं। 2021 में इंडिया ए टीम का हिस्सा रहे सौरभ ने साउथ अफ्रीका दौरे पर उत्कृष्ठ प्रदर्शन किया। जिसके बाद वह चयनकर्ताओं की नजर में आए। 2015-16 में गुजरात के खिलाफ रणजी मैच खेलते हुए उन्होंने अपने पहले ही मैच में 10 विकेट लिए थे।
2021 में रणजी टूर्नामेंट में कुल 44 विकेट हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। इसके साथ ही सौरभ आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब व राइजिंग पुणे की टीम का भी हिस्सा रहे हैं। हालांकि इस बार आईपीएल की टीमों के चयन के दौरान किसी भी टीम के लिए सौरभ की बोली नहीं लगाई गई, लेकिन अब उनका चयन श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज व टी-20 मैचों के लिए हुआ है। सौरभ ने बताया कि उनका सपना हमेशा से ही भारत के लिए खेलने का रहा है। अब श्रीलंका के खिलाफ भारतीय टीम में चयन होने के बाद उनका सपना पूरा होने जा रहा है।
बड़ौत की गलियों में सौरभ का चलता था बल्ला
लेफ्ट आर्म स्पिनर एवं बल्लेबाज सौरभ कुमार ने बड़ौत की गलियों में भी अपने हुनर का खूब परिचय दिया है। परिवार के संग वह यहां रहते थे और दोस्तों के साथ खूब क्रिकेट खेलते थे। या यूं कहा जाए कि बड़ौत में उनके चौके-छक्के और उनकी स्वििंग खूब दिखाई देती थी।
बीसीसीआई की नेशनल सेलेक्शन कमेटी ने श्रीलंका दौरे के लिए भारतीय टीम की घोषणा की है। टेस्ट टीम में सौरभ कुमार का भी चयन किया गया है। 28 वर्षीय आॅल राउंडर को उनके प्रथम श्रेणी क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन को देखते हुए स्टैंडबाय खिलाड़ी के रूप में चयन हुआ है।
सौरभ कुमार ने घरेलू क्रिकेट में अपने आप को एक बेहद आॅल राउंडर के तौर पर स्थापित कर रखा है। घरेलू क्रिकेट में 2017 में उन्होंने सर्वाधिक विकेट लेकर भी खुद को सुर्खियों में खड़ा किया था। उसके बाद पिछले साल वह आईपीएल में पंजाब किंग्स ने बेस प्राइस पर खरीदे थे। बता दें कि सौरभ कुमार का जन्म एक मई 1993 को हुआ था। मूल रूप से मुजफ्फरनगर के बिटावदा गांव के निवासी हैं। पिता रमेशचंद दिल्ली में नौकरी करते थे।
दिल्ली में नौकरी की सहूलियत को देखते हुए परिवार बड़ौत के आजादनगर में शिफ्ट हो गया था। सौरभ ने यहीं पढ़ाई की और क्रिकेट का ककहरा सीखा। या यूं कहें कि बड़ौत की गलियों में सौरभ के हुनर की प्रशंसा होती थी और जब वह दोस्तों के संग खेलता था तो उसका हुनर अलग ही नजर आता था।
बड़ौत के आजादनगर की गलियों में छक्के-चौके व उसकी लेफ्ट आर्म स्पिन का जलवा दिखता थी। हालांकि बाद में आगे बढ़ने के लिए परिवार को मेरठ शिफ्ट होना पड़ा था। वर्तमान में परिवार मेरठ के कंकरखेड़ा में रहता है। आजादनगर में उसके परिचितों ने बताया कि सौरभ एक होनहार और प्रतिभाशाली खिलाड़ी है।
बचपन से ही उसका लक्ष्य क्रिकेट में एक आयाम स्थापित करने का था, जिसे उसे करके दिखाया है। अभी उसकी उस ओर शुरुआत है, वह भविष्य में टीम में मुख्य भूमिका में भी नजर आएगा। उसके परिचितों में भी खुशी की लहर है।
डब्बू के नाम से भी जाना जाता है सौरभ
भारतीय टेस्ट टीम में चयनित सौरभ कुमार को डब्बू के नाम से भी जाना जाता है। आजादनगर की गली नम्बर 13 में उसका बचपन बीता है। उसके दोस्त से डब्बू के नाम से भी पुकारते थे। साथ उसकी पढ़ाई यहीं के विद्या सागर स्कूल में हुई।

