- जेलकर्मियों से घिरता देख फरार हुए बदमाश, दो खोखे भी बरामद
- पुलिस ने मौके पर पहुंच कर किया मुआयना, जेलर ने दी तहरीर
जनवाणी संवाददाता |
देवबंद: रात में खाना खाकर जेल परिसर में टहल रहे उपकारागार के जेलर पर बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। फायरिंग होने पर जेलर ने पेड़ के पीछे छिपकर अपनी जान बचाई। शस्त्रों से लैस जेल कर्मियों से खुद को घिरता देख बदमाश फरार हो गए। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मुआयना किया। जेलर ने घटना के संबंध में कोतवाली में तहरीर दे दी है।

उपकारागार में तैनात जेलर रीवन सिंह गुरुवार रात करीब 8 बजे जेल के बगल में सिथत अपने सरकारी आवास से खाना खाने के बाद जेल परिसर में टहल रहे थे। जेल वार्डर शरद कुमार और गिरि प्रसाद भी उनके साथ थे। जब वह टहलने के बाद मुख्य द्वार से वापस लौटने लगे तो उसी दौरान परिसर की बाउंड्री वाल के पीछे से अचानक दो लोगों ने उन पर फायरिंग कर दी।
जिस पर जेलर समेत दोनों वार्डरों ने परिसर में स्थित पेड़ों के पीछे छिपकर जमीन पर लेटकर अपनी जान बचाई। गनीमत रही कि किसी को गोली नहीं लगी। फायरिंग की आवाज से जेल प्रशासन में अफरा तफरी मच गई। जेल के गेट पर तैनात संतरी समेत जेल वार्डर रायफल लेकर बदमाशों की तरफ दौड़ पड़े। जिसके बाद बदमाश गाली गलौज करते हुए वहां से भाग खड़े हुए।
सूचना पर सीओ दुर्गा प्रसाद तिवारी व प्रभारी निरीक्षक प्रभाकर कैंतुरा मौके पर पहुंचे और घटना के संबंध में जानकारी ली। देर रात घटना के संबंध में कोतवाली में तहरीर दी गई। जिसमें पूरी घटना का जिक्र करते हुए बताया गया कि मौके से 315 बोर के दो खाली खोखे बरामद हुए है। तहरीर में जेलर ने बताया कि किसी गंभीर षडयंत्र के तहत उनकी हत्या का प्रयास किया गया।
इससे भविष्य में भी उन्हें जान का खतरा बना हुआ है। इसलिए गंभीरता से मामले की जांच कराकर हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। वहीं, शुक्रवार को इंटेलीजेंस समेत खुफिया विभाग के अधिकारी उपकारागार पहुंचे और ने जेलर से पूरे मामले की जानकारी ली।
देवबंद उपकारागार के जेलर रीवन सिंह की तहरीर पर अज्ञात में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस के हाथ कुछ सुराग भी लगे है। पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर काम कर रही है। हमलावरों की गिरफ्तारी को कई टीमें लगाई गई है। हमलावर जल्द ही पुलिस के शिकंजे में होंगे।
दुर्गा प्रसाद तिवारी (सीओ, देवबंद)
जेलर ने मिलाई से कर दिया था इंकार
सूत्रों के मुताबिक गुरुवार को दो लोग जेल में बंद किसी बंदी से मिलाई के लिए आए थे। मिलाई का समय समाप्त होने के चलते जेलर ने मिलाई कराने से इंकार कर दिया था। आशंका है कि हमलावर उक्त लोग भी हो सकते है। पुलिस इस बिंदु पर भी काम कर रही है।
सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही पुलिस
घटना के राजफाश के लिए पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में जेल परिसर में लगे कैमरों की फुटेज को भी पुलिस खंगालने में लगी हुई है।

