
शिक्षा समाज के जागरण में मुख्य भूमिका निभाती है। वास्तव में शिक्षा किसी भी देश या समाज के विकास का आधारभूत ढांचा होता है। यह विदित है कि जिस समाज या देश की शिक्षा प्रणाली उच्च कोटि की होती है या यूं कहें कि जिस समाज या देश की शिक्षा उस समाज के सापेक्ष होती है, उस समाज के तत्व निहित होते हैं, उस देश का विकास बहुत तेज गति से होता है । आज दुनिया भर में यह प्रमाणित हो चुका है कि शिक्षा हर एक नागरिक का सम्पूर्ण विकास करती है। शिक्षा हमें जहां एक ओर स्कूली पाठ्यक्रमों से मिलती है वहीं दूसरी ओर सामाजिक परम्पराओं से भी मिलती है। समाज का ढांचा जैसा होगा शिक्षा उतनी ही महत्वपूर्ण हो जाती है। मतलब यह कि समाज का ढांचा यदि निम्न वर्ग का है तो उस समाज के शिक्षा कि महत्ता और अधिक बढ़ जाति है।