जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से एक बुरी खबर सामने आई है। जाने माने स्क्रीनराइटर संजय चौहान का 12 जनवरी को मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 62 वर्ष के थे। चौहान लंबे समय से लीवर की बीमारी से पीड़ित थे। आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
संजय चौहान ने पान सिंह तोमर और आई एम कलाम जैसी फिल्मों की कहानी लिखी है। वहीं, तिग्मांशु धूलिया के साथ साहेब बीवी गैंगस्टर फिल्मों की कहानी और डायलॉग्स पर भी उन्होंने काम किया था। बतौर डायलॉग राइटर उनके खाते में हजारों ख्वाहिशें ऐसी, धूप, मैंने गांधी को नहीं मारा, राइट या रॉन्ग जैसी फिल्में भी हैं।
उनके परिवार में उनकी पत्नी सरिता और बेटी सारा हैं। अपने करियर में संजय चौहान ने अपनी फिल्म आई एम कलाम (2011) के लिए सर्वश्रेष्ठ कहानी का फिल्मफेयर पुरस्कार जीता था।
रिपोर्ट्स की मानें तो संजय चौहान का जन्म और पालन-पोषण भोपाल में हुआ है। उनके पिता भारतीय रेलवे के लिए काम करते थे, जबकि उनकी मां एक स्कूल टीचर थीं। संजय चौहान ने दिल्ली में एक पत्रकार के रूप में अपना करियर शुरू किया और फिर 1990 के दशक में सोनी टेलीविजन के लिए क्राइम ड्रामा टीवी शो, भंवर लिखने के बाद वे मुंबई चले आए। यहीं से एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में उनके करियर की शुरुआत हुई।

