- ग्रामीणों ने खरीदार को मौके पर पकड़ पुलिस को सौंपा, अधिकारियों ने दिया जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन
जनवाणी संवाददाता |
मुंडाली: सस्ता गल्ला हो चाहे नौनिहालों का निवाला (पोषाहार) सरकारी राशन की कालाबाजारी थमने का नाम नही ले रही है। राशन डीलर और आंगनबाड़ी कार्यकत्री मालिकाना हक के साथ धड़ल्ले से राशन बेच रहे हैं। ताजा मामला नंगलामल से सामने आया है। जहां आंगनबाड़ी केंद्र से पोषाहार खरीदकर निकल रहे बाइक ठेले वाले को ग्रामीणों ने घेर लिया। खरीदार को घिरा देख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने विरोध किया तो ग्रामीणों ने पुलिस व विभागीय अधिकारियों को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और पोषाहार लदे ठेले व खरीदार को थाने ले गई। बाद में थाना पहुंचे अधिकारियों ने ग्रामीणों को जांचकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
नंगलामल के उच्च प्राथमिक विद्यालय प्रांगण में आंगनबाड़ी केंद्र है। जिसमें सीमा, चित्रा शर्मा, ऊषा तोमर, लक्ष्मी आंगनबाड़ी केंद्र संचालिका और आसमीन सहायिका है। बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे बाइक ठेला सवार युवक आंगनबाड़ी केंद्र से लगभग साढ़े तीन कुंतल पोषाहार लादकर चला। आसपास खड़े ग्रामीणों अरुण उर्फ जगुवा, विनोद, विकास, पूर्व प्रधान ओमपाल सिंह आदि ने उसे रोक लिया। पूछताछ करने पर बाइक ठेले सवार ने अपना नाम इस्लामुद्दीन पुत्र इलियास निवासी मऊखास बताते हुए कहा कि वह फेरी करता है।
आज भी फेरी के लिए आया था तो आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने उसे बुलाकर राशन बेच दिया। ग्रामीणों ने कट्टे खोलकर देखे तो उनमें गेहूं दलिया, दाल चना व चावल भरे थे। उधर फेरीवाले को घिरा देख आंगनबाड़ी कार्यकत्री बाहर आईं और ग्रामीणों से उसे रोकने का कारण पूछा। ग्रामीणों ने कालाबाजारी पकड़वाने की बात कही तो आंगनबाड़ी कार्यकत्री आगबबूला हो गईं। उन्होंने ग्रामीणों को खरी-खोटी सुनानी शुरू कर दी।
ग्रामीणों ने पुलिस, एसडीएम सदर और विभागीय अधिकारियों को फोनकर ग्राम प्रधान अफसर अली को भी मौके पर बुला लिया। सूचना पर पहुंची मुंडाली पुलिस इस्लामुद्दीन को पोषाहार लदे ठेले सहित थाने ले गई। घंटों बाद सीडीपीओ राजीव केसरी और लेखपाल सुखबीर सिंह थाने पहुंचे और पकड़े गए पोषाहार को जब्त कर ले गए। उन्होंने ग्रामीणों को विभागीय जांचकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
चोरी और सीनाजोरी
ग्रामीणों से नोकझोंक के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने दो टूक कहा कि पूरे दिन आंगनबाड़ी केंद्र पर घिरे रहने के बदले उन्हें मिलता ही क्या है? आज के जमाने में तीन हजार रुपये मानदेय में कौन घर चला पाएगा।
रिपोर्ट दर्ज करने से इंकार
ग्रामीण अरुण कुमार उर्फ जगवा ने बताया कि पोषाहार बेचने के विरोध में ग्रामीणों ने थाने में तहरीर दी लेकिन एसओ प्रमोद कुमार ने यह कहते हुए रिपोर्ट दर्ज करने से इंकार कर दिया कि जांच के बाद विभागीय अधिकारियों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।

