Sunday, April 5, 2026
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Sidhu Moosewala: और ऐसे..बूढ़े मां-बाप को छोड़कर चल गए थे सिद्धू मूसेवाला, चलिए जानते है सिंगर की बर्थ एनिवर्सरी पर कुछ खास

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। एक ऐसा सिंगर की जो हमारे बीच बेशक न हो लेकिन उनके गाने आज भी युवा के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है। उनके जाने के बाद सिंगर की इतनी फैन फॉलोइंग हो गई की। कुछ लोगों ने सिंगर के लिए अपनी जान तक गवा दी। जीं हां हम बात कर रहे हैं किसी और की नहीं बल्कि पंजाबी सिंगर और रैपर सिद्धू मूसेवाला की। इन्होंने अपनी गायकी से एक नया आयाम सेट किया था। हालांकि उस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्हें बहुत संघर्ष करना पड़ा। मगर उनके साथ कुछ ऐसा हुआ जिसने उनके चाहने वालों का दिल तोड़ दिया। आज सिद्धू की बर्थ एनिवर्सरी है तो उन्हें याद करते हुए चलिए जानते है उनके बारे में कुछ खास जानकारी..

सिद्धू का असली नाम था शुभदीप

सिद्धू मूसेवाला का जन्म 11 जून 1993 को मानसा के मूसा गांव में हुआ था। सिद्धू मूसेवाला का असली नाम शुभदीप सिंह था। लेकिन गायकी के फील्ड में आने पर उन्होंने अपना नाम बदल लिया था। बचपन से ही सिंगिंग का शौक था तो उन्होंने एक शानदार सिंगर के रूप में अपनी पहचान बनाई। वो न सिर्फ एक अच्छे सिंगर थे बल्कि एक लेखक भी थे। वो अपने गाने खुद ही लिखा करते थे।

सिंगिंग के साथ साथ पढ़ाई में भी माहिर थे सिद्धू

सिद्धू गाने के साथ ही पढ़ाई में भी माहिर थे, उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव के सरकारी स्कूल से की थी। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने गुरु नानक देव इंजीनियरिंग कॉलेज लुधियाना में दाखिला लिया और वहां से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। बतौर सिंगर बन सुर्खियों में छाने वाले सिद्धू ने राजनीति का रुख किया और साल 2022 में कांग्रेस पार्टी का हाथ थाम लिया। हालांकि इस क्षेत्र में उन्हें सफलता नहीं मिली और विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।

पंजाब में सिद्धू का सिक्का चलता था

दरअसल, एक समय ऐसा आ गया था जब पंजाब में सिर्फ और सिर्फ सिद्धू मूसेवाला का सिक्का चलता था। लेकिन फिर वक्त बदला और 30 मई साल 2022 को उन्हें मौत के घाट उतार दिया गया। उन्हें बहुत ही दर्दनाक मौत मिली, जिसकी जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली। बताया गया था कि हमलावरों ने सिंगर की जीप पर हमला किया और 12 राउंड फायरिंग कर गोलियों से भून दिया। जिसके बाद अपने पीछे सिद्धू बूढ़े माता-पिता को छोड़ गए थे।

दो साल बाद आया नन्हा मेहमान

लेकिन, सिद्धू मूसेवाला की मौत के ठीक दो साल बाद उनके घर में नन्हा मेहमान आ गया। जी हां हम बात कर रहे हैं उनके भाई की। दरअसल सिंगर की मां चरणजीत कौर ने आईवीएफ तकनीक के जरिए 58 साल की उम्र में एक बेटे को जन्म दिया। उसके जन्म के बाद लोगों ने कमेंट कर ये तक कह दिया कि सिद्धधू मूसेवाला का पुनर्जन्म हो गया है। सिद्धू मूसेवाला की मौत के ठीक दो साल बाद उनके घर में नन्हा मेहमान आ गया।

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