Thursday, April 25, 2024
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ताकि बच्चे अकेलापन न अनुभव करें

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BALWANI


विवेक शर्मा |

कई माता पिता अपने बच्चे को अकेलेपन का जिम्मेदार स्वयं को मानते हैं लेकिन आज इस सोच को बदलकर उन्हें अपना ज्यादा-से ज्यादा वक्त अपने एकल बच्चे के साथ गुजारना चाहिए। माता पिता दोनों को अलग-अलग वक्त पर समय गुजारना चाहिए ताकि वह किसी एक से कोई बात शेयर करना चाहता हो तो आसानी से कर सके और दोस्ताना व्यवहार बना रहे। कभी डर से वो आपसे झूठ भी नहीं बोलेगा।

अकेले बच्चों को अकेलेपन से कैसे दूर रखा जाए, इस बारे में यहां कुछ महत्त्वपूर्ण सुझाव दिए जा रहे है। जरूरत है तो सिर्फ इन्हें अमल में लाने की ताकि आपका बच्चा अकेलेपन के एहसास से मुक्त रहे।

बढ़ाएं उसकी सोच का दायरा

अपने बच्चे को टीवी देखने से न रोकें और इंटरनेट सर्फिंग के लिए मना न करें लेकिन यह सब सीमित वक्त तक ही अनुमति दें। अपने बच्चे को किताब पढ़ने के लिए कहें। किताबें व्यक्ति की सबसे अच्छी मित्र होती हैं। अगर बच्चा किसी और चीज में दिलचस्पी जाहिर करता है तो उसे सीखने के लिए प्रोत्साहित करें। इंटरनेट के उपयोग से, टीवी देखने से, किताबें पढ़ने से उसकी सोच का दायरा भी बढ़ेगा और उसका अकेलापन भी दूर होगा पर ध्यान दें कि वो टीवी पर अच्छे कार्यक्रम देखे, अच्छी पुस्तकें पढ़े और नेट का प्रयोग भी सही रूप से सीमित समय के लिए करे।

बच्चे को रखें बिजी

अगर बच्चा जागरुक है तो चाहकर भी खाली नहीं रह सकता। वैसे आज की आधुनिक दुनिया में बच्चों को व्यस्त रखने के लिए तरह-तरह के साधन हैं। बच्चों के लिए विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिस्पधार्एं हैं जैसे क्रि केट से लेकर फुटबाल तक, पेंटिंग से लेकर स्केटिंग तक और स्वीमिंग से लेकर कराटे तक, न जाने कितने ही क्षेत्र हैं जहां बच्चा एक दो दिन नहीं, पूरे साल व्यस्त रह सकता है। अगर किसी भी क्षेत्र में वह अव्वल है तो उसी में अपना करियर भी बना सकता है। ऐसी प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेने से बच्चे का आई क्यू बढ़ता है। इससे उसे भाई बहन की कमी महसूस नहीं होगी और न ही अकेलेपन का अहसास होगा।

पैसों का मोह न पैदा होने दें

कभी-कभी ज्यादा पैसे देना भी बच्चे को गलत रास्ते की ओर धकेल सकता है, इसलिए आप ज्यादा से ज्यादा उसे अपना वक्त दें। उसे प्यार करें और उसकी देखरेख करने की ओर ध्यान दें, ताकि बच्चे को लगे कि आप उसकी हर वक्त परवाह करते हैं। पॉकेट मनी हर महीने बढ़ाना, बिना वजह छोटी से छोटी मांग पूरी करना, जन्म दिन पर कीमती महंगे तोहफे देना, यह सब बातें आपके बच्चे को गलत मार्ग की ओर जाने को प्रोत्साहित करती हैं।

उसे पैसों से ज्यादा मोह न होने दें वरना इससे वह गलत राह पर चल सकता है। जीवन में चीजें किस तरह पाई जाती हैं इसका उसे अंदाजा भी नहीं होगा, इसलिए पैसों का महत्व समझाएं ताकि भविष्य में वह इसकी अंधाधुंध बबार्दी न करे।

दोस्ताना व्यवहार करें

कई माता पिता अपने बच्चे को अकेलेपन का जिम्मेदार स्वयं को मानते हैं लेकिन आज इस सोच को बदलकर उन्हें अपना ज्यादा-से ज्यादा वक्त अपने एकल बच्चे के साथ गुजारना चाहिए। माता पिता दोनों को अलग-अलग वक्त पर समय गुजारना चाहिए ताकि वह किसी एक से कोई बात शेयर करना चाहता हो तो आसानी से कर सके और दोस्ताना (दोस्तीपूर्ण) व्यवहार बना रहे। कभी डर से वो आपसे झूठ भी नहीं बोलेगा।

बच्चों को बनाने दें दोस्त

बच्चे पर अपनी मर्जी ज्यादा न थोपें क्योंकि इससे उसे लग सकता है कि आप उस पर ज्यादा सख्ती बरत रहे हैं। दोस्त भावनाओं को नियंत्रण करने में अहम भूमिका निभाते हैं इसलिए माता-पिता को बच्चे के साथ फ्रेंडली रहना चाहिए पर बच्चों के दोस्तों पर भी नज? रखें कि वे किस परिवार से संबंध रखते हैं और उनका व्यवहार कैसा है। अच्छी दोस्ती के लिए बढ़ावा दें ताकि वह अपने दोस्तों के साथ रहकर कुछ शेयर करना सीख सके और अपना अकेलापन दूर कर सके।


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