जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कुछ दिनों से सपा-रालोद के गठबंधन को लेकर सवाल उठ रहे थे। सवाल उठना भी लाजिमी था क्योंकि रालोद राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के साथ फोटो वायरल हो गए थे।
दोनों की लखनऊ एयरपोर्ट में मुलाकात हुई, जिसके बाद राजनीतिक हलके में हलचल पैदा हो गई। सूत्रों का कहना है कि सपा-रालोद के बीच अब फाइनल गठबंधन की गांठ लग गई हैं। रालोद 136 सीटें मांग रहा था, लेकिन अब गांठ 90 और 100 के बीच आकर लग ई है।
इसमें अभी कुछ भी सार्वजनिक नहीं किया गया हैं, लेकिन जल्द ही सपा-रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष संयुक्त पीसी कर गठबंधन का ऐलान करेंगे। वैसे सपा-रालोद ने संयुक्त रूप से पंचायत चुनाव भी लड़ा। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में दोनों दलों के बीच गठबंधन रहा, लेकिन चुनाव अलग-अलग लड़ा था। कुछ समय से सपा-रालोद के बीच गठबंधन चलता आ रहा है।
उसी गठबंधन को अब आगे बढ़ाने के लिए लगभगम फाइनल मुहर लगा दी हैं। सपा प्रदेश में छोटे-छोटे दलों के साथ गठबंधन कर भाजपा को चुनौती देने के लिए रणनीति तैयार कर रही हैं। इसमें दो राय नहीं है कि इस बार अखिलेश यादव ने पिछड़ी जातियों को फज्ञेकस कर दिया हैं, वैसे देखा जाए तो अखिलेश यादव भी खुद पिछड़ी जाति से हैं, इसी वजह से अन्य पिछड़ी जातियों से गठबंधन कर चुनावी रणनीति तैयार की जा रही है।
वेस्ट यूपी में भाजपा का मुकाबला करने के लिए सपा ने रालोद के साथ हाथ बढ़ाया हैं। इसमें सपा-रालोद का गठबंधन भाजपा के लिए बड़ी चुनौती से कम नहीं होगा। वेस्ट यूपी में किसान आंदोलन के चलते भाजपा की चुनौतियां बढ़ गई है। भाजपा के दिग्गजों ने वेस्ट यूूपी को अपना फोकस बना दिया है।

