Wednesday, March 4, 2026
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किसानों के मुद्दे पर सरकार से भिड़े सपा विधायक

  • सहकारी चीनी मिलों के घाटे में जाने पर खड़ा किया सवाल
  • सरकारी कर्मचारियों एवं शिक्षकों की पुरानी पेंशन का उठाया मुद्दा, सरकार ने किया साफ इंकार

जनवाणी संवाददाता |

मुजफ्फरनगर: गन्ना भुगतान व किसान उत्पीड़न को लेकर चरथावल विधायक पंकज मलिक विधानसभा में सरकार से ही भिड़ गये। उन्होंने साफ कहा कि किसान पर 100 रुपया बकाया होने पर तहसील की टीम रिकवरी करने पहुंच जाती है। यदि किसान का लाखों रुपया चीनी मिल पर हो, तो चीनी मिल भुगतान नहीं करती। उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार से जवाब मांगा।

बजट सत्र के दौरान विधायक पंकज मलिक ने रमाला शुगर मिल के घाटे में जाने को लेकर सवाल उठाया। पंकज मलिक ने कहा कि यह शुगर मिल लगातार घाटे में है। इसके जिम्मेदार लोगों पर सरकार की ओर से कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें टोका तो विधायक भिड़ गये। उन्होंने कहा कि किसान की बात कहने का अधिकार संविधान से मिला है।

ऐसे में वह अपनी बात पूरी करके ही छोड़ेंगे। सवाल के जवाब में गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने बताया कि किसानों का गन्ना भुगतान किया जा रहा है। लखीमपुरी खीरी, गांगनौली, मलकपुर, कप्तान गंज व गडोरा चीनी मिल की आरसी जारी की जा चुकी है। अन्य गन्ना मूल्य भुगतान के लिए बकायादार चीनी मिलों पर कार्रवाई की जा
रही है।

पुरानी पेंशन का मुद्दा सदन में गूंजा

विधायक पंकज मलिक ने राज्य कर्मचारी एवं शिक्षकों को पुरानी पेंशन दिये जाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 के बाद प्रदेश में नियुक्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलना चाहिए, लेकिन उनके इस सवाल के जवाब में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की ओर से स्पष्ट किया गया कि फिलहाल प्रदेश में पुरानी पेंशन दिया जाना सम्भव नहीं है।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि एनपीएस के तहत 5.95 लाख सरकारी कर्मचारियों एवं स्वायत्तशासी संस्थाओं के 3.50 लाख कर्मचारियों का पंजीकरण एनपीएस के तहत हो चुका है। इनके खातों में 28.836 करोड़ की धनराशि दी जा चुकी है। साथ ही सहायता प्राप्त संस्थाओं के कर्मचारियों के खातों में 14.262 करोड़ रुपये दिये जा चुके है। ऐसी स्थिति में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली को खत्म किया जाना सम्भव नहीं है।

प्रदूषण के मुद्दे पर उठाया सवाल

विधानसभा में मुजफ्फरनगर व शामली की चीनी मिलों द्वारा किये जा रहे प्रदूषण को लेकर सवाल उठा। विधायक पंकज मलिक के सवाल के जवाब में राज्यमंत्री डा. अरुण कुमार ने बताया कि इन दोनों जिलों में शुगर एवं पेपर मिलों की लगातार जांच की जा रही है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के माध्यम से दो शुगर एवं 35 पेपर मिलों पर 106 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है।

सरकुलर रोड का नाम बदलने की मांग

सरकुलर रोड का नाम बदलकर चौ. चरण सिंह मार्ग किये जाने व चौराहे का नामकरण चौ. चरण सिंह चौक किये जाने की मांग विधानसभा में उठाई गई। नगर विकास के मंत्री एके शर्मा ने कहा कि इस सड़क का नाम नगर पालिका के प्रस्ताव के आधार पर बदला जा सकता है। यदि नगर पालिका प्रस्ताव करेगी, तो यह नाम बदला जायेगा।

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