- नगरायुक्त गजल भारद्वाज ने किया सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निरीक्षण
- कार्य की धीमी गति पर जतायी नाराजगी और दिए कार्य में सुधार के निर्देश
जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: नगरायुक्त गजल भारद्वाज ने सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की धीमी गति पर नाराजगी जतायी और कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस को मजदूरों की संख्या बढ़ाकर गुणवत्तापूर्ण कार्य कराने और उसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यदायी संस्था के रेजीडेट इंजीनियर तथा निर्माण विभाग के अधिकारियों को अपने कार्य में सुधार की चेतावनी देते हुए हर दस-दस दिन में कार्य प्रगति की पूरी योजना बनाकर प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। नगरायुक्त ने सीएंडडीएस को चेतावनी दी कि यदि प्लांट निर्माण कार्य में तेजी नहीं आयी तो भारी जुर्माना लगाने के साथ ही उनके खिलाफ एफआईआर भी करायी जायेगी।
नगरायुक्त गजल भारद्वाज ने नगर निगम द्वारा ग्राम घुन्ना महेश्वरी में बनवाये जा रहे सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का शनिवार की दोपहर निरीक्षण किया। अधिशासी अभियंता निर्माण आलोक श्रीवास्तव ने नगरायुक्त को बताया कि परियोजना पर 22 करोड़ 35 लाख 57 हजार का व्यय होना है। प्रथम किश्त के रुप में शासन से 12 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। जिसमें से लगभग 5.58-5.58 करोड़ की दो किश्तों के रुप में कुल 11 करोड़ 17 लाख 78 हजार रुपये कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस को भुगतान किया जा चुका है। नगरायुक्त ने प्लांट पर मौजूद कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस के रेजीडंेट इंजीनियर अनिल कुमार से पूछा कि ग्यारह करोड़ से अधिक मिलने के बाद उन्होंने कौन-कौन से कार्य किये है और उनकी डीपीआर में क्या-क्या है ? अनिल कुमार ने बताया कि तीन ओपन फ्लोर तथा एक कवर्ड फ्लोर बनाया गया है।
गेट के निकट एक रिसीविंग ट्रोलर होगा जहां से कूड़ा पास ही बने ओपन फ्लोर पर ले जाकर 17 भागों में उसका पृथक्करण किया जायेगा। ट्रोलर का कार्य अभी शुरु नहीं हो पाया है। बताया कि कवर्ड कम्पोस्ट पैड के अलावा मशीन पैड और क्यूरिंग पैड भी बनाये जायेंगे। नगरायुक्त ने कार्य की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कार्य बहुत धीमा चल रहा है। उन्होंने दो टूक पूछा कि दस दिन में कितनी प्रोगेस हो जायेगी, स्पष्ट बताएं। नगरायुक्त ने सीएंडडीएस को चेतावनी दी कि यदि कार्य में तेजी नहीं आयी तो भारी जुर्माना लगाने के साथ ही उनके खिलाफ एफआईआर करायी जायेगी। उन्होंने कार्य की गुणवत्ता पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए।
नगरायुक्त ने कार्य के लिए कम से कम 50 आदमी लगाने के निर्देश देते हुए कहा कि काम में तेजी लाएं, यह शासन की प्राथमिकता में है। इसे जल्दी से जल्दी पूरा करें तभी शहर को कूड़ा मुक्त बनाने का लक्ष्य पूरा होगा। उन्होंने अधिशासी अभियंता निर्माण आलोक श्रीवास्तव के प्रति भी नाराजगी जताते हुए कहा कि वे प्लांट निर्माण को लेकर क्या पर्यवेक्षण कर रहे हैं ? कार्य की धीमी गति पर उन्होंने ध्यान क्यों नहीं दिया ? उन्होंने सीएंडडीएस और निर्माण के अधिकारियों को अपने काम में सुधार लाने की चेतावनी देते हुए प्रत्येक दस दिन में फाइनेंशियल प्रोगेस, लेबर प्रॉब्लम और उपकरण आदि संसाधनों के सम्बंध में फोटो के साथ चार्ट बनाकर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण विभाग के अधिकारियों को प्लांट कार्य की प्रगति के सम्बंध में पूरी कार्ययोजना बनाकर प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरा अधिशासी अभियंता निर्माण आलोक श्रीवास्तव, सहायक अभियंता दानिश नकवी, नगर स्वास्थय अधिकारी डॉ.कुनाल जैन आदि शामिल रहे।

