- मेरठ की एसटीएफ टीम को एक और मिली सफलता
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक कराने वाले गिरोह का एसटीएफ ने पर्दाफाश करते हुए गत दिनों कंकरखेड़ा से छह लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस की गिरफ्त में आये आरोपियों से गहनता से पूछताछ के बाद एसटीएफ टीम ने गिरोह के एक शातिर को जींद, हरियाणा में पिल्लुखेड़ा रेलवे फाटक के पास स्थित भारतीय स्टेट बैंक के बेसमेंट में बनी दुकान से गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके पास एक मोबाइल, जिसमें पेपर लीक कराने का फोटो व कुछ वीडियो भी मिले हैं। पकड़े गये युवक ने ही इन छह लोगों को पेपर मुहैय्या कराया था।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा का द्वितीय पाली का पेपर लीक कराने वाले गिरोह के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए एसटीएफ की विभिन्न टीमों व फील्ड यूनिटों निर्देशित किया गया था। अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ फील्ड यूनिट के बृजेश सिंह के पर्यवेक्षण में पकड़े गये छह लोगों से पूछताछ के बाद अभिसूचना संकलन कर कार्रवाई शुरु की गई। एसटीएफ टीम ने पांच मार्च को पेपर लीक कराने वाले छह सदस्यों को गिरफ्तार कर उत्तर पुस्तिका कुंजी और प्रश्न पत्र बरामद किया था। कंकरखेड़ा क्षेत्र से गिरफ्तार छह अभियुक्तों से गहनता से पूछताछ एवं अन्य माध्यमों से एसटीएफ टीम ने जानकारी जुटाई।
जिसके बाद पता चला कि इन छह लोगों को पेपर मुहय्या कराने वाला हरियाणा जींद का रहने वाले महेंद्र पुत्र रामफल है। एसटीएफ टीम के एसआई संजय कुमार के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल रकम सिंह, हेड कांस्टेबल आकाशदीप, हेड कांस्टेबल महेश शर्मा, हेड कांस्टेबल विनय कुमार एवं अंकित की टीम ने 12 मार्च दोपहर चार बजे पिल्लुखेड़ा रेलवे फाटक के पास स्थित भारतीय स्टेट बैंक के बेसमेंट में बनी दुकान से महेन्द्र पुत्र रामफल निवासी बराह खुर्द थाना कोतवाली जींद, हरियाणा को गिरफ्तार कर लिया। टीम को उसके पास से उत्तर पुस्तिका कुंजी व प्रश्नपत्र द्वितीय पाली व एक मोबाइल मिला है।

दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल थी अहम भूमिका
एसटीएफ की पकड़ में आये जींद हरियाणा निवासी महेन्द्र पुत्र रामफल ने चौंकाने वाली जानकारी दी। उसने एसटीएफ को बताया कि वह 18 फरवरी यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा पेपर किस तरह लीक करना है। इसमें मुख्य भूमिका दिल्ली के हेड कांस्टेबल विक्रम पहल की थी। उसने बताया कि वह जींद हरियाणा में अमनदीप पुत्र महंगा निवासी धाथरथ उर्फ ढाठरथ थाना पिल्लुखेड़ा में अनफोयल इन्वेशन दुकान पर काम करता था।
15 फरवरी को उसके गांव के विक्रम पहल पुत्र कंवर सिंह जो दिल्ली पुलिस में हेड कांस्टेबल है, उसे यह कहकर मानेसर गुरुग्राम स्थित एक रिसोर्ट में ले गया कि यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर आने वाला है। इस काम में मेरा सहयोग करो। इसके एवज में एक लाख से दो लाख रुपये तुम्हें मिलेंगे। जब वह वहां गया तो रिसोर्ट में पहले से ही 300 से 400 अभ्यर्थी और सॉल्वर मौजूद थे। गौरव चौधरी व अन्य लोग 10 से 12 बसों में अभ्यर्थियों को भरकर लेकर आये।
उसने बताया कि रिसोर्ट के अंदर 1000 तक परीक्षार्थी एकत्र हो गये थे। पूरे प्रकरण में रिसोर्ट का मालिक भी वहां मौजूद था। इसके बाद विक्रम पहल ने सभी के साथ मीटिंग की। विक्रम 16 फरवरी को यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा का द्वितीय पाली का पेपर लेकर आया। उसके साथ मोनू शर्मा निवासी ढाकला जिला झज्जर, विक्रम दहिया निवासी सोनीपत व कुछ अन्य लोग भी साथ थे। सिपाही विक्रम पहल लगातार अपने साथियों के साथ संपर्क में था।
जिनसे प्रश्नपत्र आउट कराने को लेकर लगातार बात चल रही थी। अभिषेक शुक्ला व रवि के संपर्क में विक्रम पहल पहले से ही था। क्योंकि कुछ दिनों पहले ही इन सभी की मानेसर गुरुग्राम स्थित रिसोर्ट में पेपर आउट कराने व ज्यादा से ज्यादा परीक्षार्थियों को वहां लाकर उन्हें पेपर पढ़ाने की बात तय थी। उधर, एसटीएफ टीम को अब हेड कांस्टेबल विक्रम पहल की तलाश है, लेकिन उसके ठिकाने कहां हैं। टीम लगातार संभावित स्थानों पर छापेमारी करने में जुटी है।

