- पिछले साल दीपावली के मौके पर उपाध्यक्ष के आग्रह पर सीईओ कैंट ने कराया था निर्माण
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कैंट क्षेत्र में वीआईपी माल रोड के सर्विस लेन मानी जाने वाली डेयरी फार्म रोड इन दिनों कैंट बोर्ड प्रशासन की लापरवाही पर लाचार होकर आंसू बहा रही है। लाचारी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सैन्य वाहनों के लिए बेहद खास और महत्वूपर्ण समझी जाने वाली इस सड़क की मरम्मत के बजाय वहां आए दिन होने वाले हादसों के देखते हुए इसकी मरम्मत के बजाए सड़क पर गमले लगाकर बंद कर दिया है।
सड़क की हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहां कई स्थान पर तो गड्ढे इतने ज्यादा खतरनाक हैं कि यदि कोई अंजाम चालक रात के वक्त अंधेरे में इस रास्ते से गुजरे तो निश्चित रूप से हादसे का शिकार होगा। सड़क का यह हाल तो तब है जब इसको सीईओ नवेन्द्र नाथ का कैंट के बाशिंदों के लिए गिफ्ट माना जाता है।
दरअसल, हुआ यह था कि पिछले साल कैंट बोर्ड का चार्ज लेने के कुछ समय बाद जब बोर्ड के सदस्यों के साथ वर्तमान उपाध्यक्ष वीना वाधवा ने भी सीईओ से मुलाकात की थी तो उन्होंने आग्रह पूर्ण इस सड़क का मसला उठाया था। नवेन्द्र नाथ ने भी उन्हें निराश नहीं किया। रातों रात सड़क को तैयार करा दिया गया। किसी को उम्मीद नहीं थी कि सड़क तैयार हो जाएगी, लेकिन सड़क तैयार भी हुई और अड़तालिस घंटे बाद टूट भी गयी।
इसको लेकर कैंट प्रशासन की जमकर जब किरकिरी भी हुई। जनवाणी ने प्रमुखता से खबर भी छापी थी। उसका असर यह हुआ कि तीसरी बार फिर से यह सड़क बनवा दी गयी, लेकिन अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ है। दीपावली के बाद एक साल पूरा होगा फौजी इलाके की इस सड़क की हालात गांव की सड़क से भी बदतर है।
यह स्थिति तो तब है जब इस रास्ते का प्रयोग नागरिकों के अलावा बड़ी संख्या में फौजी अफसरों के वाहन भी करते हैं। यहां आए दिन हादसे होते हैं। इन हादसों में कुछ गंभीर भी घायल हुए हैं, लेकिन इसके बाद भी कैंट प्रशासन की कुंभकर्णी की नींद टूटती नजर नहीं आ रही है।
मवाना रोड डेयरी फार्म के समीप फौजी इलाके से सटी इस सड़क की हाल और सड़क को लेकर अधिकारियों के रवैये को देखकर लगता है कि यहां किसी बड़ी घटना का इंतजार किया जा रहा है। सड़क को लेकर सबसे ज्यादा सवाल इस लिए उठाए जा रहे हैं क्योंकि, इसको सीईओ कैंट का दीपावली गिफ्ट का दर्जा खुद उपाध्यक्ष ने दिया था। बड़ा सवाल यह कि सड़क को लेकर कैंट बोर्ड अफसरों और बोर्ड के सदस्यों की नींद कब टूटेगी। या फिर यह मान लिया जाए कि लोगों को मरने और हादसों का शिकार होने के लिए इस सड़क को यूं ही गमले सजा कर छोड़ दिया गया है।

