- सीबीएसई बोर्ड टॉपर्स को मोबाइल से नहीं प्रेम
- परिणाम आने के बाद घर में लग रहा बधाई देने वालों का तांता
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जो लोग कहते हैं कि मोबाइल से उनको पढ़ाई में मदद मिलती है यह बात बोर्ड परीक्षार्थियों पर लागू नहीं होती। अगर विश्वास न हो तो सीबीएसई बोर्ड टॉपर्स से बात कर लीजिए। आॅल इंडिया रैकिंग में अपना स्थान बनाने वाले छात्रों का कहना है कि मोबाइल सिर्फ समय बर्बाद करने के अलावा कुछ नहीं करता है। कोर्स में लगी किताबों में हर समस्या का समाधान मिल जाता है। छात्रों को मोबाइल, लैपटॉप, वीडियो गेम, हैंडफोन से ज्यादा अपनी किताबों और स्कूल शिक्षकों पर ज्यादा भरोसा है।
मेहनत और लगन से पाया जा सकता है मुकाम
जेल चुंगी निवासी सीबीएसई 12वीं टॉपर मानवी का कहना है कि उन्होंने यह मुकाम लगन और मेहनत से हासिल किया है। परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद से मानवी के घर जहां बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ हैं। वहीं, दूरदराज रहने वाले रिश्तेदार मानवी को फोन कर 99.8 प्रतिशत अंक लाने के साथ जिला टॉप करने की बधाई दे रहे हैं। मानवी केएल इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा रही है। मानवी ने बताया कि उनके दादा बिजेंद्र ने उनको पढ़ाई करने के लिए सबसे अधिक प्रेरित किया। कक्षा 11वीं से लेकर 12वीं तक मानवी फोन से दूर रही, लेकिन अब वह फूल इन्जॉय कर रही है, क्योंकि वह कड़ी परीक्षा से गुजर कर अब नया जीवन चुनने की ओर बढ़ गई है।
बधाई देने वालों का लगा तांता
12वीं टॉपर अभिनव चुग का कहना है कि परिणाम आने के बाद से बधाई देने वालों का घर में तांता लगा हुआ है। अब मैंने सीए की पढ़ाई शुरू कर दी है। 12वीं के लिए मैंने पूरे दिन तैयारी न कर दो से तीन तीन घंटे लगातार पढ़ाई की जो भी पढ़े उसे मन से पढ़े। अभिनव ने बताया कि परीक्षा परिणाम आने के बाद से वह अपने आप को काफी सुकून में महसूस कर रहे हैं, क्योंकि उससे पहले एक डर-सा लगा रहता था कि पता नहीं कैसे नंबर आएंगे। जिस तरह की तैयारी मैने की उससे अच्छे अंक मुझे प्राप्त हुए है। परिवार वालों की ओर से अभिनव को बधाई देने का सिलसिला अभी तक जारी है।
परिणाम आने के बाद दोस्तों के साथ हो रही है मौज मस्ती
12वीं जिला टॉपर अंशिका पोसवाल परिणाम से बेहद खुश है। इस समय वह परिवार और दोस्तों के साथ खुशियों को सांझा करने में लगी हुई है। अंशिका ने 12वीं कक्षा में 99.8 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। अंशिका के जिले टॉप करने की बात सुनते ही उनके रिश्तेदारों के फोन आना शुरू हो गए थे और आसपास के लोग भी लगातार बधाई देने के लिए आ रहे है। अंशिका के नंबरों से पूरे परिवार में खुशी का माहौल बना हुआ है।

