जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनेट में संशोधन के प्रस्ताव को लेकर छात्रों का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। केंद्र सरकार द्वारा संशोधन नोटिफिकेशन वापस लेने के बावजूद, छात्र अब सीनेट चुनाव की तारीख तय होने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े हुए हैं। सोमवार को यूनिवर्सिटी कैंपस में विभिन्न छात्र संगठनों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन की कॉल दी है। सूत्रों के अनुसार, रविवार देर रात तक कैंपस में भारी हंगामा और नारेबाजी होती रही। छात्रों का कहना है कि जब तक सीनेट चुनाव की नई तारीख की औपचारिक घोषणा नहीं होती, वे यूनिवर्सिटी परिसर में धरना और विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।
छात्र संगठनों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन और सरकार मिलकर छात्र प्रतिनिधित्व को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि सीनेट विश्वविद्यालय की लोकतांत्रिक आत्मा है, जिसे किसी भी तरह के संशोधन से कमजोर नहीं किया जा सकता।
जानकारी के मुताबिक, छात्र लंबे समय से अपनी शैक्षणिक और प्रशासनिक मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सोमवार को जब उनकी बात नहीं सुनी गई, तो उन्होंने गेट नंबर एक पर जमा होकर नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ ही देर में भीड़ उग्र हो गई और गेट तोड़कर परिसर के अंदर घुस गई। स्थिति को बिगड़ता देख पुलिस ने छात्रों को पीछे हटाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि “स्थिति अब नियंत्रण में है, और किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं होने दी जाएगी।”
इसी बीच, मोहाली जिले में किसानों का प्रदर्शन भी जारी है। किसान अपने विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रशासनिक भवनों की ओर मार्च करना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें पहले ही बैरिकेड लगाकर रोक दिया। किसानों ने मौके पर बैठकर नारेबाजी की और सरकार से अपनी मांगें पूरी करने की चेतावनी दी।
प्रशासन ने की अपील
पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों से शांति बनाए रखने और संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि केंद्र द्वारा नोटिफिकेशन वापस ले लिया गया है, इसलिए अब आंदोलन की कोई आवश्यकता नहीं है। हालांकि, छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक सीनेट चुनाव की तारीखें तय नहीं होतीं और आधिकारिक घोषणा जारी नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

