Saturday, April 4, 2026
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कॉमनवेल्थ गेम्स 2022: सुशीला देवी की चांदी, विजय ने जीता कांस्य

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में अब तक छह पदक मिल चुके हैं। सभी पदक वेटलिफ्टिंग में आए हैं और आज वेटलिफ्टिंग में ही सातवां पदक भी मिल सकता है। मीराबाई चानू, जेरेमी लालरिनुंगा और अचिंता शेउली स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। हरजिंदर कौर से पदक की उम्मीद है। अजय सिंह पदक नहीं जीत सके। वहीं, जूडो में सुशीला देवी ने रजत पदक जीत लिया है। वहीं, जूडो में विजय यादव ने कांस्य पदक जीता।

जूडो में पुरुषों के 66 किलोग्राम भारवर्ग में भारत के जसलीन सिंह को कांस्य पदक मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया के नाथन काट्ज ने जसलीन को आखिरी कुछ सेकेंड में इपपोन से हराया और कांस्य पदक अपने नाम किया। इपपोन यानी आखिरी 10 सेकेंड में ऑस्ट्रेलियाई जुडोका ने जसलीन को थ्रो किया और उन्हें उठने नहीं दिया। इपपोन होने पर एक फुल पॉइंट दिया जाता है और खिलाड़ी जीत जाता है।

बैडमिंटन टीम इवेंट के सेमीफाइनल में भारत ने सिंगापुर पर 1-0 की बढ़त बना ली है। पहले मैच में सात्विकसाईराज रैंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने काई टेरी और एंडी जुंग की जोड़ी को 21-11, 21-12 से हरा दिया। दूसरे मैच में पीवी सिंधु के सामने यिओ जिया मिन हैं। सिंधु ने पहला गेम 21-11 से जीत लिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जुडोका सुशीला देवी को बधाई दी है। उन्होंने लिखा- सुशीला के शानदार प्रदर्शन को देखकर स्तब्ध हूं। रजत पदक जीतने पर उन्हें बधाई। उन्होंने शानदार स्किल दिखाई। भविष्य के लिए सुशीला को शुभकामनाएं।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने विजय को कांस्य जीतने पर भी बधाई दी। उन्होंने लिखा- विजय ने जूडो में कांस्य जीता है। देश को उन पर गर्व है। उनकी कामयाबी से भारत में खेलों को बढ़ावा मिलेगा। वह भविष्य में और कामयाब हों और कई कीर्तिमान बनाएं और नई ऊंचाइयों को छुएं।

गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा- सुशीला देवी को बधाई। यह पूरे देश के लिए गर्व करने का समय है। भविष्य के लिए शुभकामनाएं। वहीं, खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने सुशीला देवी को रजत जीतने और विजय कुमार यादव को कांस्य जीतने पर बधाई दी है। खेल मंत्री ने लिखा- मैंने इस पर गौर किया है कि हमने इस कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। सुशीला ने रजत और विजय ने कांस्य जीता। यह विजय का राष्ट्रमंडल खेलों में पहला पदक है। मैं दोनों को बधाई देता हूं।

भारत ने बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में जूडो में ही दूसरा पदक जीत लिया है। जुडोका विजय यादव ने पुरुषों के 60 किलोग्राम भारवर्ग में साइप्रस के पेट्रोस क्रिसटोडूलाइड्स को कांस्य पदक के मैच में हरा दिया। विजय ने पेट्रोस को ‘इपपोन’ से हराया। जूडो में तीन तरह से स्कोरिंग होती है। इसे इपपोन, वजा-आरी और यूको कहते हैं। इपपोन तब होता है, जब खिलाड़ी सामने वाले खिलाड़ी को थ्रो करता है और उसे उठने नहीं देता। इपपोन होने पर एक फुल पॉइंट दिया जाता है और खिलाड़ी जीत जाता है। विजय ने इसी तरह से जीत हासिल की। जूडो के खिलाड़ियों को ‘जुडोका’ कहते हैं।

विजय से पहले महिला 48 किलोग्राम भारवर्ग में सुशीला देवी ने रजत पदक जीता था। उन्हें फाइनल में हार का सामना करना पड़ा। विजय का सफर इन राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार रहा है। प्री-क्वार्टर फाइनल में उन्होंने मॉरिशस के विंसले गंगाया को हराया था।

इसके बाद क्वार्टर फाइनल में विजय को हार का सामना करना पड़ा था। उन्हें ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ काट्ज ने हराया। इसके बाद रेपचेज राउंड के जरिए विजय ने कांस्य पदक के मैच में जगह बनाई।रेपचेज के पहले मुकाबले में विजय ने स्कॉटलैंड के डिलन मुनरो को हराया और फिर साइप्रस के पेट्रोस को हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया।

सुशीला और विजय के पदकों के साथ ही बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के कुल पदकों की संख्या आठ पहुंच गई है। भारत ने अब तक तीन स्वर्ण, तीन रजत और दो कांस्य जीते हैं। सुशीला से पहले बिंदियारानी देवी और संकेत सरगर ने वेटलिफ्टिंग में रजत जीता था। वहीं, मीराबाई चानू, जेरेमी लालनिरुंगा और अचिंता शेउली ने वेटलिफ्टिंग में स्वर्ण जीता था। विजय यादव और वेटलिफ्टिंग में गुरुराजा पुजारी ने कांस्य जीता।

जूडो में सुशीला देवी ने 48 किलोग्राम भारवर्ग में रजत पदक अपने नाम किया। सुशीला देवी का पदक भारत का आज का पहला पदक है। फाइनल में सुशीला को दक्षिण अफ्रीका की मिकेला व्हीबोई ने आर्म लॉक के जरिए फंसा लिया और नीचे गिरा दिया। इसके बाद कुछ देर तक सुशीला मैट पर ही लॉक छुड़ाने की कोशिश करती रहीं। ऐसे में रेफरी ने दक्षिण अफ्रीका की व्हीटबोई को विजेता घोषित किया।

यह राष्ट्रमंडल खेलों में सुशीला का दूसरा रजत पदक है। इससे पहले उन्होंने 2014 ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भी रजत पदक हासिल किया था। सुशीला 2019 साउथ एशियन गेम्स में 48 किलोग्राम भारवर्ग में ही स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं।

सुशीला का बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में सफर शानदार रहा। पहले मैच (क्वार्टर फाइनल) में सुशीला ने मलावी की हैरियेट बोनफेस को हराया था। वहीं, सेमीफाइनल में सुशीला ने मॉरिशस की प्रिसिल्ला मोरांद को हराया था।

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