जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजद नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने रविवार को एक के बाद एक बड़ी घोषणाएं कीं। पहले ही “माई-बहिन मान योजना”, “हर घर नौकरी योजना”, और संविदाकर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा देने जैसे वादे कर चुके तेजस्वी ने अब छोटे कामगारों और पंचायत प्रतिनिधियों के लिए नए आर्थिक प्रावधानों की घोषणा की है।
रविवार सुबह पोलो रोड स्थित आवास पर प्रेस वार्ता में तेजस्वी यादव ने कहा, “जनता ने एनडीए को 20 साल दिए, हम सिर्फ 20 महीने मांगते हैं। बिहार की जनता बदलाव के लिए तैयार है। इस बार महागठबंधन की सरकार बनेगी।”
पंचायत और ग्राम कचहरी प्रतिनिधियों के लिए राहत
मानदेय दोगुना किया जाएगा।
पेंशन योजना की शुरुआत होगी।
प्रत्येक प्रतिनिधि को ₹50 लाख का बीमा कवर दिया जाएगा।
जन वितरण प्रणाली (PDS) के वितरकों के मानदेय और मार्जिन मनी में बढ़ोतरी की जाएगी।
अनुकंपा नियुक्ति में 58 वर्ष की उम्र सीमा लागू की जाएगी।
छोटे कामगारों के लिए बड़ा एलान
नाई, बढ़ई, कुम्हार, लोहार जैसे परंपरागत मेहनती वर्गों को ₹5 लाख की एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि वे अपना स्वरोजगार शुरू कर सकें।
तेजस्वी का एनडीए पर हमला
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की मौजूदा सरकार “विजनलेस और खटारा” हो चुकी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि, “गृह मंत्री अमित शाह खुद मान चुके हैं कि बिहार में कोई कारखाना नहीं लग सकता। प्रधानमंत्री मोदी ने सबकुछ गुजरात को दे दिया और बिहार को सिर्फ अंगूठा दिखाया।”
उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब परिवर्तन के लिए बेसब्र है और आने वाले चुनाव में महागठबंधन की सरकार बनेगी।
बता दें कि, तेजस्वी यादव लगातार चुनावी वादों की झड़ी लगाकर बिहार की जनता को नए विकल्प का भरोसा दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। पंचायत प्रतिनिधियों, संविदाकर्मियों और छोटे कामगारों को साधने की यह रणनीति महागठबंधन के जनाधार को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

