Saturday, March 7, 2026
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Saharanpur News: आपातकाल दिवस के अवसर पर जनपद में मनाई गयी 50वीं बरसी, लोकतंत्र सेनानियों और अधिकारियों ने देखी प्रदर्शनी

जनवाणी संवाददाता |

सहारनपुर: कलेक्ट्रेट स्थित नवीन सभागार में देर शाम आपातकाल से जुडी त्रासदी एवं विपत्तियों की 50वीं बरसी को मनाते हुए एक चित्र प्रदर्शनी को प्रदर्शित किया गया। इसमें भारत में प्राचीन काल से चली आ रही लोकतंत्र की जडें, लोकतांत्रिक परंपराओं के मूल में बसे जन-केंद्रित दृष्टिकोण एवं जन-भागीदारी के तहत अर्थशास्त्र में उल्लेखित सिद्धांतों तथा अशोक के शिलालेखों में जनहित संबंधी शासन को बताया गया। कार्यक्रम में लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों राजेंद्र अटल, श्री अशोक कुमार, डॉ0 आज़ाद चौधरी, प्रेम सिंह भंडारी, बलदेव राज, शमीम बानो, मुहम्मद यूसुफ, शीतल टंडन, मो0 जमाल गौरी, सुभाष त्यागी, शौकत अली, रमेश चन्द्र, कासिम अहमद को माला व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में आपातकाल के संबंध में विचार गोष्ठी में लोकतंत्र सेनानियों ने अपनी जुबानी में आपातकाल की कहानी बताई जिसमें वह अपने उस समय को याद कर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि हम लोग लोकतंत्र की रक्षा के लिए सदैव तात्पर्य रहते है।

ग्रामीण एवं शहरी इलाकों में जमीनी स्तर पर लोकतंत्र के तहत जन भागीदारी को लोकतंत्र की आधारशिला के रूप में उल्लेखित किया गया। इसके साथ ही स्थानीय शासन को बढावा देकर लोकतंत्र की नींव को मजबूत किया गया। भारतीयों ने अंग्रेजों पर सुधारों और अधिनियम 1909, 1919 और 1935 में भागीदारी की मांगों को शामिल करने का दबाव डाला।

भारत के संविधान द्वारा 1949 के कुछ अंशो को लागू किया गया। स्वतंत्र भारत एवं संसदीय प्रणाली को लागू करने के लिए 1975 तक 05 आमचुनाव आयोजित किए गये। इसी के तहत लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए क्षेत्रीय एवं विपक्षी दलों का उदय हुआ। मतदाताओं की संख्या में वृद्धि हुई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि 25 जून को संविधान हत्या दिवस मनाना यह याद दिलाता है कि भारत के संविधान को रौंदा गया था। यह एक काला दौर था। आतापकाल हटने के बाद लोकतंत्र की रक्षा के लिए संवैधानिक पुनर्जागरण हुआ और 44वें संविधान संशोधन में सुधार हुए। वर्तमान में सुशासन के तहत नई पहलें समावेश, पंहुच और दक्षता को बढावा दिया गया। नागरिक केन्द्रित पहलें प्रारम्भ की गयी। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के द्वारा महिलाओं की भागीदारी बढाई गयी।

इस अवसर पर जिलाधिकारी मनीष बंसल, अपर जिलाधिकारी प्रशासन संतोष बहादुर सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सलिल कुमार पटेल, सिटी मजिस्ट्रेट गजेन्द्र कुमार सहित समस्त एसडीएम एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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