जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: आल इंडिया जमीयत दावतुल मुस्लिमीन के संरक्षक और देवबंदी उलेमा मौलाना कारी इसहाक गोरा ने कहा है कि मोबाइल फोन इंसानी रिश्तों की बरकत और घरों का सुकून खत्म कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि मोबाइल फोन के गलत इस्तेमाल ने लोगों को लापरवाह बना दिया है। अपने वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन सुविधा का जरिया था, लेकिन अब यही फितना बन चुका है। इंसान को आसानी देने वाली चीजें जब हद से ज्यादा इस्तेमाल हों, तो बरकत उठ जाती है।
कारी इसहाक गोरा ने कहा कि घरों में महिलाएं लंबे समय तक मोबाइल फोन पर लगी रहती हैं। मां, बहन, खाला या सहेलियों से चुगली और नकारात्मक बातें करती हैं, जिससे घरों की फिजा बिगड़ रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी बातें रिश्तों में दूरी और दिलों में नफरत पैदा करती हैं।उन्होंने कहा कि मोबाइल फोन खुद बुरा नहीं है, बल्कि उसका इस्तेमाल इंसान की नीयत पर निर्भर करता है। अगर इसे इल्म, नसीहत और भलाई के लिए इस्तेमाल किया जाए, तो यही साधन दीन और दुनिया दोनों के लिए फायदेमंद हो सकता है।
कारी इसहाक गोरा ने सवाल किया कि क्या मोबाइल फोन सिर्फ दूसरों की बुराई के लिए दिया गया है? उन्होंने लोगों से अपील की कि इसका इस्तेमाल गीबत और शिकायत की बजाय नेकी, हौंसला-अफजाई और रिश्तों की मजबूती के लिए करें। उन्होंने कहा कि इंसान की जुबान से निकला हर शब्द फरिश्तों के नामे-आमाल में दर्ज होता है, इसलिए बोलने से पहले सोचें कि आप नेकी लिखवा रहे हैं या गुनाह। उन्होंने कहा कि जब जुबानें गीबत से हटकर अच्छाई की तरफ मुड़ेंगी, तभी घरों में सुकून लौटेगा।

