Saturday, March 7, 2026
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वेद की शिक्षा से विमुख होने पर हुआ देश का पतन: कुलश्रेष्ठ

  • आर्य समाज मंदिर में वेद प्रचार सप्ताह के दूसरे दिन कार्यक्रम

जनवाणी संवाददाता |

शामली: मंगलवार को आर्य समाज मंदिर में कार्यक्रम का शुभारंभ देव यज्ञ के साथ हुआ। यज्ञ के मुख्य यज्ञमान पूर्व प्रधान सुभाष गोयल आर्य व सुदेश आर्या, सुशील जांगिड़ व राखी जांगिड, कालूराम व मोनिका रानी, रामकुमार जांगिड़ पुष्पा रानी रहे। यज्ञ के ब्रह्मा आर्य समाज के पुरोहित डा. रविदत्त आचार्य रहे। यज्ञ के बाद सत्संग भवन में नोएडा से आई भजनोपदेशिका अलका आर्य भजनों के माध्यम से परमात्मा का गुणगान किया।

आगरा से आए उपदेशक उमेश चंद कुलश्रेष्ठ ने आर्य समाज की पूजा पद्धति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संसार की सर्वश्रेष्ठ पूजा पद्धति यज्ञ है। उन्होंने बताया कि देवता दो प्रकार के होते हैं एक जड़ देवता और एक चेतन देवता है। जड़ देवता में सूर्य, चंद्र, अग्नि, वायु जल आदि है और चेतन देवताओं में माता-पिता और आचार्य शामिल हैं। उन्होंने बताया वेदों में अग्नि को देवताओं का मुख बताया गया है अग्नि में दी हुई आहुति के माध्यम से प्रसाद सभी देवताओं को प्राप्त होता है। आज हम ईश्वर के बनाए देवताओं का नहीं मनुष्य के बनाए देवताओं का पूजन कर रहे हैं।

इस अवसर पर संरक्षक रघुवीर सिंह आर्य, प्रधान विनोद आर्य, मंत्री गिरधारी लाल गोयल आर्य, कोषाध्यक्ष देवेंद्र देव आर्य, शैलेश मुनि सत्यार्थी, रामेश्वर दयाल आर्य, लक्ष्मीचंद आर्य, दिनेश धीमान, सतपाल आर्य, नितिन वर्मा, राजीव हटवाल, मदनपाल आर्य, पवन कुमार आर्य, मीरा आर्य, कौशल्या आर्य, सुनीता पाल आर्य, पूनम आर्य, मिथलेश आर्य, हेमलता आर्य, अर्चना धीमान, उषा आर्य, नीलम आर्य आदि उपस्थित रहे।

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