Saturday, June 15, 2024
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व्यापारी सुभाष की मौत बनी रहस्य, आ रही षड्यंत्र की ‘बू’

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  • परिवार के सदस्यों पर ही लगाया हत्या का आरोप
  • पीड़ित भाई ने एडीजी से लगाई मदद की गुहार
  • एडीजी ने एसएसपी को सौंपी जांच

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: शहर ठठेरवाड़ा में सराफा व्यापारी सुभाष वर्मा का गोली लगा शव घर में मिलने पर हड़कंप मच गया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना की जानकारी ली और मौत को आत्महत्या बताया था। अब मृतक व्यापारी के भाई अतुल वर्मा ने एडीजी से शिकायत की है जिसमे अपने भाई की मौत को हत्या बताया है। जिसके बाद एडीजी ने मामला जांच के लिए एसएसपी को सौंपा है।

गौरतलब है कि गत एक मार्च को सराफा व्यापारी सुभाष वर्मा का शव उनके घर में मिला था। जिसमे सीने में गोली लगी पाई गई थी, इसके बाद देहली गेट पुलिस ने मामला आत्महत्या बताकर जांच बंद कर दी थी। अब मृतक के भाई अतुल वर्मा का आरोप है कि उनके भाई ने आत्महत्या नहीं की बल्कि उसकी हत्या की गई है। अतुल ने एडीजी को सौंपे शिकायत पत्र में मृतक के भांजे करन वर्मा, मुनीम कुलदीप शर्मा, भांजी आरती वर्मा, बहन सीता वर्मा व भांंजी डोली वर्मा पर योजनाबद्ध तरीके से हत्या करने का आरोप लगाया है।

शक के बिंदू

एक मार्च को शाम पांच बजे सुभाष का गोली लगा शव उसके कमरे में मिला था, लेकिन घर में किसी ने भी गोली की आवाज नहीं सुनी। सीने में गोली लगी मिली थी जबकि आत्महत्या करने में अमूमन गोली सिर पर मारी जाती है।
घटना वाले दिन सुबह ग्यारह बजे तक मृतक ने भांजे से बात की जबकि शाम पांच बजे कमरे में शव मिला। हथियार बरामद नहीं हुआ। जबकि वह आत्महत्या करता तो हथियार पास में ही मिलता।

सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर भी गायब है। भतीजे ननमुन ने सुभाष की मौत से पहले ही जताई थी हत्या की आशंका। मृतक के भाई का आरोप है कि सुभाष की हत्या पैसे के विवाद में की गई है। जिन लोगो पर हत्या करने का आरोप लगा है वह परिवार के ही लोग है और इन्होंने मृतक के साथ धोखाधड़ी करते हुए 50 लाख रूपये का गबन किया था। इसका पता सुभाष को चल चुका था और उसने आरोपियों से अपने पैसे वापस मांगे थे और पैसे नहीं देने पर उन्हें जेल भिजवाने की बात कही थी, इसके बाद ही उसकी हत्या की गई। अतुल का आरोप है कि मौत के समय सुभाष के माथे पर चोट के निशान भी थे।

पुलिस मामले को नहीं ले रही गंभीरता से

मृतक के भाई का आरोप है कि घटना वाले दिन मौके पर पहुंची देहलीगेट थाना पुलिस ने मामले को आत्महत्या बताया है। जबकि डेढ़ साल पहले भी मुनीम कुलदीप शर्मा पर सुभाष के पिता की हत्या करने के प्रयास का मामला दर्ज हुआ था, लेकिन पुलिस ने उसे भी यह कहते हुए ठंडे बस्ते में डाल दिया था कि यह घरेलू मामला है।
कुल मिलाकर यह मामला अब रहस्य बनता जा रहा है, इसमें जिन लोगो पर हत्या का आरोप लगा है अब इसकी जांच एडीजी ने एसएसपी को सौंपी है। पुलिस द्वारा जांच होने के बाद ही इस रहस्य से पर्दा उठने की उम्मीद है।

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