- लोहिया नगर कंट्रोल रूम से रखी जा रही हर बस में होने वाली गतिविधियों पर नजर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगरिया बस सेवा के अंतर्गत चलने वाली इलेक्ट्रिक बसों की निगरानी बढ़ाने के साथ ही बेसन की आमदनी में भी वृद्धि होने लगी है लोड फैक्टर में 10 प्रतिशत तक का उछाल दर्ज किया जा रहा है। इलेक्ट्रिक बस सेवा के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक विपिन सक्सेना ने अवगत कराया कि आरएम, एमडी सिटी बस संदीप कुमार नायक ने लोहिया नगर डिपो का निरीक्षण करते हुए दिशा निर्देश जारी किए थे। जिसके अनुपालन में बसों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम से बराबर निगरानी शुरू कराई गई है।

उन्होंने अवगत कराया कि प्रत्येक इलेक्ट्रिक बस में पांच कैमरे लगाए गए हैं। जिनमें एक फ्रंट, एक बैक और तीन कैमरे बस के अंदर की स्थिति को रिकॉर्ड करते हैं। साथ ही इन सभी कैमरों के जरिये लोहिया नगर में स्थित चार्जिंग स्टेशन के कंट्रोल रूम में भी बस की तमाम गतिविधियों को लाइव देखा जा सकता है। लाइव मॉनिटरिंग के लिए कंट्रोल रूम में शिफ्टवार तकनीकी टीम तैनात रहती है। एआरएम ने बताया कि इन कैमरों की मदद से बस में होने वाली हर गतिविधि को आॅडियो के साथ रिकॉर्ड भी किया जाता है। मल्टी लेयर निगरानी के लिए नगर निगम में बनाए गए कंट्रोल रूम को भी बसों की निगरानी के लिए अधिकृत किया गया है। वहीं लखनऊ मुख्यालय भी प्रत्येक बस में लगे कैमरों के आॅडियो वीडियो को लाइव और रिकॉर्डेड स्थिति में देख सकता है।
बेसन के सुचारू संचालन की दिशा में उठाए गए इस कदम के चलते यात्रियों को समय पर बसें उपलब्ध होने लगी हैं। वहीं विभाग को भी इसका परोक्ष रूप में लाभ मिलता दिखाई दिया है उन्होंने बताया कि जो लोड फैक्टर 70 प्रतिशत तक रहता था, वह बढ़कर 80 से ऊपर तक दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन होने वाली आय बढ़कर 2.5 लाख रुपये तक हुई है। बर तालाब है कि मेरठ महानगर सेवा के अंतर्गत 50 बेसन का संचालन विभिन्न मार्गों पर किया जाता है। इस समय इनमें से दो बसें तकनीकी खराबी के कारण से संचालित नहीं हो पा रही हैं। विपिन सक्सेना ने बताया कि मौसम परिवर्तन के साथ ही मेंटिनेंस प्रभारी सागर सिन्हा को सभी बसों के एसी और चार्जिंग पॉइंट दुरुस्त कराने के निर्देश जारी किए गए हैं।

परिवहन निगम की आनलाइन बुकिंग का सफर नहीं कर रहे हैं यात्री
आगरा के ताजमहल और उत्तराखंड की खूबसूरत वादियों का सफर कराने वाली उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम आॅनलाइन बुकिंग के मामले में बुरी तरह पिछड़ रही है। यूपी की बसों में आॅनलाइन टिकट बुक करने के लिए विभागीय वेबसाइट के साथ-साथ कई यात्रा बुक करने वाली एप्स भी अपनी सेवाएं दे रही हैं। जिनके माध्यम से सुदूर स्थानों को जाने वाले यात्री काफी पहले से अपने टिकट बुक कर सकते हैं।
आॅनलाइन बुकिंग सेवा का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसमें सीट कंफर्म हो जाती है। जिसके चलते लंबी यात्रा करने के दौरान मौके पर सीट मिलने या न मिलने के झंझट से मुक्ति मिल जाती है। हालांकि आॅनलाइन टिकट बुकिंग की सेवा देने वाली एप्स इसके लिए थोड़ा अतिरिक्त चार्ज जरूर लेती हैं। मेरठ परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पांच डिपो में संचालित 778 बसों के माध्यम से प्रतिदिन करीब 1.30 लाख यात्री प्रतिदिन 2.25 किमी का सफर करते हैं।
सबसे ज्यादा चौंकाने वाला तथ्य यह रहा है कि मेरठ परिक्षेत्र में फरवरी माह के दौरान प्रतिदिन केवल 50 टिकट आॅनलाइन बुक करने का औसत दर्ज किया गया है। इस संबंध में मेरठ परिक्षेत्र के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक वित्त मुकेश अग्रवाल का कहना है कि सर्दी के मौसम में आॅनलाइन टिकट बुकिंग की सेवा कम लोग ही ले पाते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि गर्मी के मौसम में विशेष कर उत्तराखंड की ओर जाने वाली एसी बसों के लिए आॅनलाइन टिकट बुक कराने वालों की संख्या में पर्याप्त वृद्धि होगी।

