
‘द केरला स्टोरी’ दुष्प्रचार केरल का नाम सुनते ही हमारे मन में उभरता है एक ऐसा राज्य जहां शांति और सद्भाव का राज है, जहां निरक्षता का निर्मूलन हो चुका है, जहां शिक्षा एवं स्वास्थ्य सूचकांक बहुत अच्छे हैं, और जहां कोविड-19 महामारी का मुकाबला सर्वोत्तम तरीके से किया गया। हमें यह भी याद आता है कि राज्य में ईसाई धर्म का आगमन 52 ईस्वी में संत सेबेस्टियन के जरिए हुआ और सातवीं सदी में इस्लाम यहां अरब व्यापारियों के माध्यम से आया। इस सबके विपरीत फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ (टीकेएस) का टीजर और प्रोमो इसे एक ऐसे राज्य के रूप में दर्शाते हैं, जहां लोगों को मुसलमान बनाया जा रहा है, हिंदू लड़कियों व महिलाओं को जबरदस्ती इस्लामिक स्टेट में विभिन्न भूमिकाएं निभाने के लिए मजबूर किया जा रहा है और उन्हें सीरिया, लेबनान आदि भेजा जा रहा है।