- कांवड़ सजाने के लिए खरीदारी कर रहे कावड़ती
जनवाणी संवाददाता |
नगीना: महाशिवरात्रि का पर्व जैसे-जैसे नजदीक आने लगा है वैसे ही कांड़तियों का नगीना से होकर जाना शुरू हो गया है। जिसके चलते नगर का माहौल भोले के जयकारों से भक्ति मय हो गया है। भोले के भक्तों के लिए नगर की दुकानें कांवड़ के सजाने के सामानों से सज गई हैं।
इस बार जिले में धारा 144 लगने व कोविड 19 के डर से शासन के शक्ति के चलते कांवड़ मार्ग पर कहीं भी कोई व्यक्ति किसी प्रकार का सेवा शिविर नहीं लगाएगा। जिससे शिव भक्तों को आराम व रात्रि विश्राम की भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लंबी दूरी के शिव भक्त रास्ते मे कई स्थानों पर रुक रुक कर आराम करते हुए जाते है। जिसके लिए स्थानीय श्रद्धालु उनके आराम के लिए लिहाफ गद्दों व गर्म पानी तथा चाय नास्ते का प्रबंध कर शिव भक्तों की सेवा कर अपने को धन्य समझते थे।
लेकिन इस वर्ष इस प्रकार की सुविधा ना मिलने से कांवरिये काफी मायूस है। उत्तरांचल की सीमा से जुड़ा होने के कारण शिवरात्रि से एक सप्ताह पूर्व से ही बरेली, रामपुर, बदायूं, शाहजहांपुर, कांशीपुर सहित उत्तरांचल के विभिन्न स्थानों पर कावड़िए कावड़ लेकर जाते हैं। जिन्हें कई दिन का सफर तय करना होता है। इस लिए रास्ते में शिविर ना होने से उन्हें भी काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।

