- गर्लफ्रेंड से पूछताछ के बाद हत्या की बड़ी वजह पर फोकस
- पल्लवपुरम पुलिस ने शक के दायरे में आए करीबियों से की पूछताछ
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मॉडल विवेक साहू हत्याकांड में पुलिस की जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। गर्लफ्रेंड से पूछताछ के बाद पुलिस अब जमीन बेचकर आए तीन करोड़ रुपये के लेन-देन में हत्या की वजह ढूंढ रही है। इसी सिलसिले में शनिवार को कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस यह भी मानकर चल रही है कि कहीं किसी ने विवेक की रकम हड़पने के लिए तो किसी ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिला दिया हो। आने वाले कुछ दिनों में हत्याकांड को लेकर पूरी तस्वीर साफ होने की उम्मीद जताई जा रही है।
कंकरखेड़ा के मॉडल विवेक साहू की हत्या पुलिस के लिए लगातार चुनौती बनती जा रही है। पहले दिन से ही पुलिस हत्या के कई कारणों को लेकर जांच पड़ताल कर रही है, लेकिन कहीं से भी कोई सुराग मिलता नहीं दिख रहा है। हत्या के बाद जिस तरह शक की सुईं गर्लफ्रेंड की तरफ घूमी थी, उससे पुलिस की उम्मीदें भी जगी थी। शुक्रवार को कई दौर की पूछताछ के बाद गर्लफ्रेंड से पुलिस को कुछ ऐसा नहीं मिला, जिससे जांच को आगे बढ़ाया जा सके। गर्लफ्रेंड ने पूछताछ में बताया था कि कई माह से उसकी विवेक साहू से बात नहीं हुई थी। यह बात जरूर थी कि विवेक साहू उसे लगातार मैसेज जरूर करता था। गर्लफ्रेंड ने अपने बयान में जो कुछ भी बताया, उसकी अधिकांश बाते पुलिस जांच में सत्यापित हो गई है।
ऐसे में पुलिस ने अब अपनी जांच को लेन-देन पर फोकस कर दिया है। दरअसल, विवेक साहू के पास जमीन बेचकर तीन करोड़ रुपये आए थे। सूत्रो का कहना है कि विवेक इस रकम को दोनों हाथों से उड़ा रहा था। ऐसे में हो सकता है कि किसी नजदीकी ने उससे रकम उधार ले ली हो और अब विवेक साहू उसपर वापसी का दबाव बना रहा हो।
पुलिस इसी बिंदू को लेकर अब अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है। इसी के चलते पुलिस ने शनिवार को कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। पुलिस अधीक्षक नगर आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि गर्लफ्रेंड से अब तक हुई पूछताछ में ऐसा कोई तथ्य नहीं मिला है, जो हत्याकांड में मददगार साबित हो सके। पुलिस दूसरे कारणों पर भी जांच पड़ताल कर रही है। अब देखना यह है कि पुलिस मॉडल विवेक साहू की हत्या की गुत्थी कब तक और कैसे सुलझा पाती है।
डकैतों के गिरेबान तक पहुंची पुलिस, अब गिरफ्तारी की तैयारी
मेरठ: उमर नगर में विधायक रफीक अंसारी के रिश्तेदार और धागा व्यापारी शादाब अंसारी के यहां हुई लाखों की डकैती के मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण इनपुट मिल गए है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस डकैती में प्रयुक्त बाइकों के नंबरों के जरिए बदमाशों के गिरेबान तक पहुंच गई है। अब सिर्फ उनकी गिरफ्तारी और माल बरामदगी की चुनौती है। पुलिस एक-दो दिन में डकैती की इस घटना का खुलासा कर सकती है। लोहिया नगर क्षेत्र के उमर नगर में 21 अगस्त की रात को नकाबपोश 10-12 बदमाशों ने धागा व्यापारी शादाब अंसारी के परिवार को बंधक बनाकर लाखों रुपये की संपत्ति लूट ली थी। डकैतों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए कई तरह की चाले भी चली, लेकिन पुलिस अपने प्रयासों से उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने में कामयाब हो गई है।
डकैतों ने घटना में प्रयुक्त बाइकों पर जाली नंबर लगाने के साथ फरारी के समय अलग-अलग रास्तों का इस्तेमाल किया था। कुछ घंटे तो पुलिस उलझी रही, लेकिन बाद में सही दिशा की तरफ अपनी कार्रवाई बढ़ा दी। विधायक के रिश्तेदार के यहां हुई डकैती का अनावरण करने को लेकर पुलिस पर भारी दबाव है। व्यापारी भी लगातार घटना को लेकर लामबंद हो रहे है। कई दिन की भागदौड़ के बाद पुलिस को डकैती के मामले में महत्वपूर्ण सुराग मिल गए है। सूत्रों की माने तो पुलिस ने घटना में प्रयुक्त की गई बाइकों के नंबरों की बदौलत डकैतों के चेहरे से नकाब उठाने में कामयाब हो गई है। अब उनकी गिरफ्तारी की तैयारी है। एक दो दिन में पुलिस डकैती का विधिवत खुलासा कर सकती है। इस मामले में पूछे जाने पर पुलिस अधीक्षक नगर आयुष विक्रम सिंह ने कहा कि डकैती के मामले में पुलिस की कई टीमें दिनरात जुटी हुई है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
एसएसपी दफ्तर पहुंचकर उठाई डकैती खुलासे की मांग
धागा कारोबारी के घर डकैती के मामले में व्यापारियों ने शनिवार को एसएसपी दफ्तर पहुंचकर खुलासे की मांग की। मेरठ व्यापार मंडल के पदाधिकारी पीड़ित परिवार के साथ एसएसपी से मिलकर शिकायती पत्र दिया। पीड़ित व्यापारी को सुरक्षा दिए जाने की भी मांग की। 48 घंटे में खुलासा ना होने पर धरना देने की भी चेतावनी दी। इस मौके पर व्यापारी जीतू नागपाल, शैंकी वर्मा, कुशान गोयल, जानू चौधरी, साजिद अनवर, हाजी महबूब अंसारी, सुहैल चौधरी, मुनीर, डा. शाहिद, जुबैर अहमद मौजूद रहे।

