Saturday, March 21, 2026
- Advertisement -

छतरी वाला पीर नाला निर्माण से दुकानदार हुए परेशान

  • जिला अस्पताल के सामने हाल बेहाल
  • दुकानों के सामने जलभराव और फैली गंदगी से सड़क हुई अवरुद्ध

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: घंटाघर से लेकर छतरी वाले पीर तक सड़क और नालों के निर्माण के लिए अपनाई जा रही प्रक्रिया अहमद रोड क्षेत्र के दुकानदारों के लिए मुसीबत का कारण बन गई है। जिसके चलते दिन भर जाम लगे रहने के हालात बने रहते हैं, वहीं रात के समय उठाई जाने वाली सिल्ट हादसों का कारण बन रही है।

लोक निर्माण विभाग की ओर से अगस्त माह में छतरी वाले पीर से लेकर घंटाघर ओडियन नाले तक नालों का निर्माण और मुख्य रोड के निर्माण का काम शुरू किया गया है। पांच माह की अवधि में विभाग की ओर से छतरी वाले पीर से लेकर जिला अस्पताल के सामने स्थित मस्जिद तक नाले की पटरी बनाने काम हो पाया है। अभी तक इस क्षेत्र में सड़क निर्माण का कोई काम शुरू नहीं किया जा सका है।

नेशनल लाइट हाउस के मालिक राजा, पश्चिम उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल के वसीम बियानी, नेताजी जावेद, अब्दुल खालिक, हाजी हारून, नियामत उल्लाह समेत विभिन्न दुकानदारों और व्यापारी नेताओं का कहना है कि इस मार्ग पर पहले से ही वाहनों की दिन भर आवाजाही रहती है।

जिसके कारण इस क्षेत्र में जाम के हालात बने रहते हैं। अगस्त से लोक निर्माण विभाग के ठेकेदार की ओर से नाला बनाकर उस पर लेंटर डालने का काम शुरू किया गया है। इन पांच माह की अवधि में एक ओर के नाले का आधा काम भी पूरा नहीं हो सका है। खैर नगर छतरी वाला पीर व्यापार मंडल के अध्यक्ष वसीम बियानी का कहना है यह सड़क न बनने के कारण पूरे बाजार क्षेत्र के दुकानदारों को आए दिन परेशानी का सामना करना पड़ता है।

25 22

रास्ता लगभग बंद रहने के कारण बाहर से आने वाले ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पाते हैं। इस बाजार क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या यह भी है कि एक और तो रास्ते इतना खराब हैं, इसके साथ-साथ निर्माण करने वाली टीम नालों की सफाई करती है, तो नालों से निकलने वाले सिल्ट को कभी भी ढककर नहीं ले जाया जाता। रात के समय किए जाने वाले इस काम के दौरान पूरे रास्ते में कीचड़ बिखरता हुआ चला जाता है।

जिसमें रात में गुजरने वाले दुपहिया वाहन फिसल कर गिर जाते हैं और लोग चोटिल हो जाते हैं। तैयब और नेताजी जावेद का कहना है अहमद रोड पर बिजली के तार बेहद जर्जर अवस्था में हैं, और नीचे लटके हुए हैं। जिनमें गुजरने वाले वाहनों से तार टकरा जाते हैं, और हादसे की आशंका बनी रहती है। छतरी वाले पीर के पास हाइटेंशन लाइन गुजर रही है। इसके आसपास के तमाम तार पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं।

ओवरलोडिंग की स्थिति में यह तार पर निकल कर सड़क पर गिर जाते हैं। दुकानदारों का कहना है कि इस बारे में बिजली विभाग के अधिकारियों का कई बार ध्यान आकर्षित कराया जा चुका है। लेकिन क्षेत्र के अधिकारियों ने कभी इस ओर ध्यान नहीं दिया है।

वहीं निर्माण कर रहे ठेकेदार के प्रतिनिधि ने बताया कि छतरी वाले फिर से लेकर आॅडियन नाले तक नालों का निर्माण, इन पर लेंटर और सड़क बनाने के लिए विभाग की ओर से डेढ़ साल का प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह काम निर्धारित अवधि में पूरा हो जाएगा।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

चंदन, वंदन और जोरदार अभिनंदन

लोकतंत्र भी हिन्दी फिल्मों की तरह है। हिन्दी फिल्में...

एलपीजी पर पैनिक होने की जरूरत नहीं

विरोध के नाम विरोध या सत्ता के लालच में...

युद्ध की बदलती तकनीक

विश्व के सैकड़ों देशों के पास अपनी भूमि की...

LPG: ‘अपने सिलिंडर की डिलीवरी पर भरोसा रखें, अफवाहों पर नहीं’- पेट्रोलियम मंत्रालय

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव...
spot_imgspot_img