Monday, April 6, 2026
- Advertisement -

बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन से हटी बहिष्कार की तलवार

  • सहायक शिक्षक धर्मेंद्र कुमार की हत्या के बाद से मूल्यांकन का बहिष्कार करने वाले शिक्षक लौटे

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, प्रयागराज द्वारा 22 फरवरी से 9 मार्च तक संचालित की गई हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाओं का परिणाम समय से जारी हो, इसके लिये मूल्यांकन के काम में तेजी लाये जाने की दिशा में विभाग द्वारा तेजी से कार्य किया जा रहा है। सहायक शिक्षक धर्मेंद्र कुमार की हत्या के बाद से मूल्यांकन पर लटकी बहिष्कार की तलवार अब हट चुकी है और मूल्यांकन में ड्यूटी दे रहे शिक्षक संगठन के निर्देशों पर वापस मूल्यांकन पर लौट आये हैं। छात्रों के भविष्य को देखते हुये तेजी से मूल्यांकन का लक्ष्य पूरा करने के प्रति तत्परता दिखने लगी है।

गौरतलब है कि 16 से 31 मार्च तक बोर्ड कापियों के मूल्यांकन का कार्य जिले के कुल 4 केंद्रों, जिनमें राजकीय माध्यमिक विद्यालय, मेरठ, देवनागरी इंटर कालेज, एनएएस इंटर कालेज और एसएसडी ब्वॉयज, लालकुर्ती पर शुरू हुआ था। इस कार्य के लिये विभाग द्वारा कुल 2820 शिक्षकों की तैनाती की थी। इन्हे हाईस्कूल की तीन लाख 46 हजार 161 और इंटरमीडिएट की दो लाख 19 हजार 633 कापियों का मूल्यांकन करना था।

मूल्यांकन कार्य के दौरान 18 मार्च को एक घटना में मुजफ्फरनगर के जीआईसी पर कॉपियां आवंटन करने पहुंचे वाराणसी के सहायक शिक्षक धर्मेंद्र कुमार की उन्हीं की वैन में सुरक्षा के लिये तैनात आरक्षी द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसके बाद से शिक्षकों ने रोष जताते हुये मूल्यांकन कार्य का 18 मार्च को बहिष्कार कर दिया। शाम तक शासन और प्रशासन स्तर पर मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक जारी करने के बाद 19 तारीख को कार्य शुरू किया गया

15 26

और शिक्षक संगठनों ने आपस में बैठक कर सरकार को पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुये 22 मार्च तक की शाम का समय इन्हें पूरा करने के लिये दिया था। मांगों पर कार्रवाई न होने पर 23 मार्च को शिक्षकों ने मांगे पूरी न होने पर दोबारा बहिष्कार करने का एलान किया। 26 मार्च को विभाग द्वारा शिक्षकों की पांच मांगो में से दो पर अपनी सहमति जताई तो मूल्यांकन फिर से बुधवार को सुचारू कर दिया गया।

इन पर बनी सहमति

  • मृतक सहायक शिक्षक धर्मेंद्र कुमार के परिवार को एक से दो करोड़ की सहायता राशि दी जाये, विचाराधीन।
  • मृतक की पत्नी को असाधारण पेंशन दी जाये, स्वीकार।
  • मृतक जिस स्कूल में सहायक शिक्षक थे, उसका नाम बदलकर धर्मेंद्र कुमार के नाम पर रखा जाये, विचाराधीन।
  • शिक्षकों से कॉपियों के बंडल मूल्यांकन केंद्र पर छोड़ने का कार्य न लिया जाये, स्वीकार।
  • हत्यारोपी आरक्षी के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चले, विचाराधीन।

ये बोले-शिक्षक नेता

मूल्यांकन कार्य पर शिक्षक नेता विपिन भारद्वाज ने कहा कि छात्रों के भविष्य को देखते हुये मूल्यांकन कार्य शुरू किया गया है। सरकार की संवेदनशीलता शिक्षकों के साथ रहनी चाहिये, क्योंकि अगर शिक्षा और शिक्षार्थी को आगे रखना है तो उसके लिये शिक्षकों हितों की अनदेखी से बचना जरूरी होगा।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

Subashini: तमिल टीवी अभिनेत्री सुभाषिनी ने की आत्महत्या, पारिवारिक विवाद बना वजह

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत...

LPG Crisis: गैस सिलिंडर नहीं मिलेगा! 1 जुलाई से इन घरों में एलपीजी आपूर्ति बंद

जनवाणी ब्यूरो | यूपी: पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) उपयोग करने...

Share Market: लाल निशान में खुला बाजार, सेंसेक्स 510 अंक गिरा और निफ्टी 22,600 से नीचे

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में युद्ध बढ़ने...
spot_imgspot_img