Monday, March 30, 2026
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कचहरी पर जाम तो नहीं, लेकिन आदेश हो गए साफ

  • शहर के हर चौराहे पर लगता है भीषण जाम
  • हर रोज जाम से जूझते हैं शहरवासी
  • अतिक्रमण पर गंभीर नहीं है सरकारी अमला

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: 10 मई को क्रांति दिवस के मौके पर योगी आदित्यनाथ क्रांतिधरा पर आए थे। उनके आगमन पर शहर में दूर-दूर तक भी जाम नहीं था, लेकिन उनके जाने के बाद से क्रांतिधरा फिर से जाम के मकड़जाल में उलझ कर रह गई। जाम और अतिक्रमण को लेकर कई बार प्रशासन स्तर पर आदेश व निर्देश आए। जाम और अतिक्रमण तो खत्म नहीं हुआ, लेकिन आदेश जरूर साफ हो गए।

खानापूर्ति के लिए अभियान चलाए गए पर दोबारा से वहां पर अतिक्रमण हो गया। शहरभर में यातायात व्यवस्था पूरी तरह से पटरी पर उतरी हुई है। जाम से शहर की रफ्तार जकड़ी है, लेकिन हाकिम चुप्पी साधे हैं। शहर के मुख्य मार्गों पर व्यापारिक, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के साथ ही चिकित्सालयों के बाहर भी पार्किंग के अवैध ठेके छुट गए हैं। सड़क पर वाहनों के खड़े होने से जाम की समस्या नासूर बनती जा रही है।

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पश्चिमी कचहरी मार्ग, पूर्वी कचहरी मार्ग, गढ़ रोड, दिल्ली रोड के साथ ही मुख्य चौराहे भी जाम की जद में हैं। कचहरी के चारों ओर वाहनों की पार्किंग के चलते मेरठ कालेज, एसएसपी आॅफिस और अम्बेडकर मूर्ति चौराहे पर सड़कों पर ही वाहन खड़े हो रहे हैं। कचहरी में काम से आने वाले लोगों की भीड़ के चलते वाहन सड़क पर दूर तक पसर जाते हैं। दिनभर यहां जाम के हालात बने रहते हैं।

हैरत की बात तो ये है कि इस पार्किंग को लेकर कभी कोई कदम नहीं उठाया जाता। कोई एक तरफ ही यह पार्किंग नहीं है, बल्कि कलक्ट्रेट के मुख्य गेट से लेकर कचहरी को जोड़ने वाले तीनों ही गेट से जुड़ी सड़कों पर पार्किंग चल रही है। अब तो मेरठ कालेज के सामने भी वाहनों को खड़ा किया जा रहा है। इससे कचहरी के चारों तरफ जाम के हालात रहते हैं और अराजक तत्वों की पौ बारह रहती है।

इसके अलावा वेस्टर्न कचहरी रोड पर चिकित्सकों के क्लीनिक, एचडीएफसी बैंक आदि पर सड़क के किनारे पार्किंग जाम को बढ़ावा दे रही है। छतरी पीर से एसपी सिटी कार्यालय तक सड़कों पर दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण के चलते दिनभर वाहन रेंगते रहते हैं। दिल्ली रोड व गढ़ रोड पर अस्पतालों, बैंकों व व्यापारिक प्रतिष्ठानों के बाहर सड़क पर ही पार्किंग होने से जाम नासूर बनता जा रहा है।

सड़कों पर वाहनों की पार्किंग के चलते आए दिन दुर्घटनाएं भी हो रही हैं, लेकिन सबकुछ जानते हुए भी पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी अनजान बने हुए हैं। जबकि शहर में रैपिड रेल के निर्माण् कार्य के चलते भी शहर में जाम का सबसे बड़ा कारण ये है।

ई-रिक्शा पर नहीं होती कोई कार्रवाई

अतिक्रमण तो पूरे शहर में है ही इसके अलावा जाम का मुख्य कारणों में से एक ई-रिक्शा है। शहर में हजारों ई-रिक्शा अवैध रूप से शहर में चल रहे हैं, लेकिन इन पर आजतक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ई-रिक्शा चौराहों पर बेतरतीब खड़े रहते हैं। कहीं पर रिक्शा को रोक लेते हैं। जिसके कारण जाम लगता है।

शहर में पार्किंग नहीं होने से भी बढ़ रही मुसीबत

शहर में वाहनों के लिए पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हैं। बाजार में पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने के कारण दुकानदार और खरीदारी करने आने वाले लोग सड़कों पर ही अपने वाहन खड़े करते हैं, जिससे जाम लग जाता है। साल-दर-साल बीतते जा रहे हैं, लेकिन शहरवासियों की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।

शहर के हर चौराहों को जाम से निजात नहीं

शहर के प्रमुख चौराहों की बात करें तो अधिकांश चौराहों को जाम से कभी निजात नहीं मिल पाई। हर बार चौराहों पर अतिक्रमण व वाहनों को हटाया गया, चालान किए गए यही नहीं वाहन तक सीज किए गए। बावजूद इसके लोगों को चौराहों पर जाम से जूझना ही पड़ता है।

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