जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कस्बा मवाना में जूता व्यापारी और बसपा के पूर्व चेयरमैन पद के प्रत्याशी को गोली मारने वाले तीन बदमाशों को पुलिस ने रात में गिरफ्तार कर लिया। तमंचा बरामद के दौरान मुख्य आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी जिस पुलिस की जवाबी फायरिंग एक बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस गिरप्तार बदमाशों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल तथा प्रयुक्त तमंचा बरामद किया है।
कस्बा मवाना में गत 21 जून को बाइक सवार बदमाशों ने जूता व्यापारी इमरान इलाही पर फायरिंग की थी। गोली इमरान इलाही की पीठ में लगी थी जिस पर उनको मेरठ अस्पताल में भर्ती कराया गयाथा। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज तथा सर्विलांस के जरिए हमलावरों की पहचान शुएब पुत्र मुस्तकीम निवासी मौहल्ला कल्याण सिंह व बिलाल पुत्र मुस्तकीम निवासीगण मोहल्ला कल्याण सिंह कस्बा व थाना मवाना तथा फरहान पुत्र खुर्शीद आलम निवासी मोहल्ला हीरालाल कस्बा व थाना मवाना के रूप में की गई। पुलिस ने बृहस्पतिवार की रात तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जब मुख्य आरोपी शुएब को घटना में प्रयुक्त तमंचा बरामद करने के लिए मिल रोड बाइपास पर गन्ने के खेत में ले गई तो शुएब ने तमंचा तलाश कर पुलिस पर फायरिंग झोंक दी। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की जिससे गोली शुएब के पैर में लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसको दबोच लिया। पुलिस ने शुएब के पास से एक तमंचा तथा एक खोखा कारतूस बरामद किया है। इसके बाद घायल शुएब को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
नौकर ने मकान कब्जाने को किया हमला
एसपी देहात डॉ. राकेश मिश्रा ने बताया कि इमरान इलाही पर हमले के पीछे मुख्य वजह आरोपी बिलाल द्वारा किराए पर लिया गया, उनका मकान रहा। इस मकान की कीमत करीब एक करोड़ रुपये है। बिलाल ने पुलिस को बताया कि वह पिछल्ले 20 वर्षों से इमरान इलाही की दुकान पर काम करता था। इमरान इलाही ने भाइयों के साझे में एक मकान खरीदा था। बटवारे में यह मकान इमरान इलाही के भाई गुफरान को मिल गया। इस मकान में वह दो वर्षों से रह रहा था, लेकिन कुछ समय से वे मकान को खाली करने का दबाव बना रहे थे। एसपी देहात ने बताया कि बिलाल कब्जा करना चाह रहा था। बिलाल केवल इमरान इलाही से दबता था बाकी उनके भाइयों की हिम्मत उस मकान को खाली करवाने की नहीं थी। वारदात वाले दिन इमरान इलाही का भाई गुफरान मकान खाली कराने के लिए मजदूर लेकर गया। मजदूर ने बाथरूम में तोड़फोड़ की। शाम को इमरान इलाही ने बिलाल को बुलाया, लेकिन वह नहीं आया। उस समय वह पहले से ही हायर किए शूटरों का इंतजार कर रहा था। जब शूटर आए तब तक इमरान इलाही अपने साडू नसीम के साथ सगीर मिस्त्री के घर चला गया था। फिर, शूटरों ने उनका पीछा किया और लौटते समय घटना को अंजाम देकर फरार हो गए। एसपी देहात ने बताया कि बिलाल के छोटे भाई शोएब ने गोली चलाई जबकि उसका साथी फरहान मोटरसाइकिल चला रहा था। घटना को अंजाम देने में बिलाल, फरहान तथा शोएब शामिल थे।

