- व्यापारी असमंजस में, सिविल एरिया के नगर निगम में जाने के बाद होंगे बदलाव
- जिसके चलते व्यापारी नहीं ले रहे लाइसेंस बोर्ड को नुकसान
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: कैंट बोर्ड की ओर से ट्रेड लाइसेंस प्रक्रिया को फिर से शुरू कर दिया गया है। इस बार कैंट बोर्ड की ओर से ट्रेड लाइसेंस शुल्क की दरों को कम किया गया है, लेकिन इसके बावजूद व्यापारी ट्रेड लाइसेंस लेने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। व्यापारी ट्रेड लाइसेंस शुल्क को लेकर असमंजस की स्थिति में है। व्यापारियों का कहना है कि कैंट के सिविल एरिया को नगर निगम में ले जाने की तैयार है और व्यापारी नगर निगम में गया तो लाइसेंस उनके लिये किसी काम का नहीं होगा।
बता दें कि कैंट बोर्ड की ओर से फरवरी 2021 में ट्रेड लाइसेंस शुल्क लेकिन अनिवार्य किया गया था। रक्षा मंत्रालय की ओर से देश की सभी 62 छावनियों में यह योजना शुरू की गई। जिसमें कैंट क्षेत्र के सभी व्यापारियों को ट्रेड लाइसेंस शुल्क लेना अनिवार्य था, लेकिन यहां मेरठ में इस लाइसेंस के शुरू होने से पहले ही व्यापारियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया था।
बोर्ड के तत्कालीन मेंबरों ने व्यापारियों के विरोध के बाद ट्रेड लाइसेंस शुल्क की दरों को बाजार में घूमकर तैयार किया था। इसमें बोर्ड मेंबरों की ओर से व्यापारियों की तीन कैटेगिरी बनाई गई थी। जिसमें अपर क्लास, मीडिल क्लास और लो क्लास तीन श्रेणियों में व्यापारियों को रखा गया था। व्यापारियों ने फिर भी इसका विरोध किया और ट्रेड लाइसेंस नहीं लिये। इसके बाद कोरोना के मामले बढ़ने शुरू हुए जिसके बाद व्यापारियों ने लाइसेंस लिये ही नहीं। कोरोना की रफ्तार जैसे जैसे कम हुई तो बोर्ड ने फिर से व्यापारियों को इसके प्रति जागरूक किया, लेकिन व्यापारियों ने कोई रुचि नहीं दिखाई। जिसके बाद कैंट बोर्ड को फिर से लाइसेंस शुल्क की दरें तय करनी पड़ी।
व्यापारी हैं परेशान कैसे लें लाइसेंस?
फिलहाल कैंट क्षेत्र के सिविल एरिया को नगर निगम में शामिल किये जाने की बात की जा रही है। इसे लेकर रक्षा मंत्रालय की ओर से आर्मी को सर्वे कराने को भी कहा गया है। ऐसे में क्षेत्र के व्यापारी अभी ट्रेड लाइसेंस शुल्क देने को तैयार नहीं है। कैंट क्षेत्र में आबूलेन, सदर, रजबन, लालकुर्ती समेत कई क्षेत्रों से मोहल्ले नगर निगम में जा सकते हैं। ऐसे में इन क्षेत्रों के व्यापारी असमंजस की स्थिति में हैं कि वह ट्रेड लाइसेंस लें या न लें।
बोर्ड को होगा नुकसान
कैंट बोर्ड पहले से ही आर्थिक नुकसान झेलता आ रहा है। अगर कैंट का सिविल एरिया नगर निगम में जाता है तो बोर्ड की रेवन्यू पहले के मुकाबले कम हो जायेगी। हाल ही में कैंट क्षेत्र में एंट्री व्हीकल फीस का ठेका भारत सरकार की ओर से बंद किया गया है। अब अगर ट्रेड लाइसेंस शुल्क भी व्यापारी नहीं लेंगे तो बोर्ड को और अधिक नुकसान होगा। इसके साथ ही सिविल एरिया से वसूला जाने वाला टैक्स भी बंद हो जायेगा। जिससे बोर्ड की कमाई और कम हो जायेगी।

