जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: आज मंगलवार को उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा के किराए में 5 फीसदी की बढ़ोत्तरी का ऐलान किया है। इतना ही 10 से 20 फीसदी केदारनाथ हेली सेवा का किराया भी बढ़ाए जाने की बात कही जा रही है। इसके लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण ने टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
बता दें कि उत्तराखंड में गढ़वाल मोटर्स ओनर्स एसोसिएशन के कार्यालय में संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति ने बैठक हुई। इस दौरान समिति के अध्यक्ष संजय शास्त्री ने कहा कि महंगाई का असर वाहनों के खर्चों पर भी पड़ा है। उन्होंने कहा कि डीजल के साथ स्पेयर पार्ट्स का खर्च भी बढ़ गया है।
उन्होंने कहा कि पिछले साल यात्रा किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई थी। जिसके कारण कई ट्रांसपोर्टरों को नुकसान भी उठाना पड़ा था। उन्होंने कहा समिति ने इस बार चारधाम यात्रा किराए में पांच फीसदी की बढ़ोतरी का निर्णय लिया है। बैठक के दौरान जीएमओ अध्यक्ष जीत सिंह पटवाल, केजीएमयू अध्यक्ष जितेंद्र नेगी आदि उपस्थित रहे।
चारधाम यात्रा में रोटेशन के अधीन 1600 बसें चलेंगी। 1100 बसें उपलब्ध है। इस बार कोई भी कंपनी रोटेशन से बाहर नहीं हो सकेेगी। आरटीओ ने गढ़वाल आयुक्त से संबंधित परिवहन कंपनियों को निर्देश देने को कहा है।
आरटीओ प्रशासन सुनील कुमार ने कहा कि हमें 1600 बसों की जरूरत है। जबकि हमारे पास रोटेशन के 1100 बसें उपलब्ध है। केएमओयू की 50 बसें मंगाई जाएंगी। जबकि 50 बसें रोडवेज की ओर से उपलब्ध कराई जाएंगी। कोई भी ट्रांसपोर्ट कंपनी रोटेशन से बाहर नहीं होगी।
पिछले साल यातायात एवं पर्यटन विकास सहकारी संघ लि. और दून वैली रोटेशन से बाहर थी। उन्होंने बताया कि इस बार ट्रांसपोर्टर 150 नई बसें ला रहे हैं। एक परिवहन कर अधिकारी की तैनाती की जाएगी, जो विभाग को यह डाटा उपलब्ध कराएगा कि कितनी बसें चारधाम यात्रा पर गई, कितने आई।
कितनी बसें यात्रा पर जाने के लिए तैयार हैं। कहा कि पिछले साल यात्रा चेक पोस्ट पर कनेक्टिविटी न होने से बसों को ऑनलाइन चेक करने में परेशानी हुई थी। इस बार इस व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि पंजीकृत यात्रियों और वाहनों की संख्या को लेकर सामंजस्य बनाया जाए।
चारधाम यात्रा के दौरान संचालित केदारनाथ हेली सेवा का किराया तीन साल के लिए तय किया जाएगा। इस बार किराये में 10 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण ने टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। टेंडर में एविएशन कंपनियों की ओर से दिए गए रेट के आधार पर किराया निर्धारित किया जाएगा।

