Saturday, June 22, 2024
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क्रांतिधरा पर ट्रिपल इंजन सरकार, सफाई व्यवस्था मुद्दे पर हुई लाचार

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  • बेपटरी सफाई व्यवस्था पर जिम्मेदार कौन? महापौर, नगरायुक्त, पार्षद या सफाई कर्मचारी
  • नौचंदी ग्राउंड में महात्मा गांधी की प्रतिमा के निकट गंदगी का साम्राज्य, पटेल मंडप बना शराती तत्वों का अड्डा

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: शहर की सफाई व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह से बेपटरी चल रही है। त्योहारों का सीजन चल रहा है और शहर की सफाई व्यवस्था धड़ाम हो चली है। यहां तक की वार्ड-80 के पार्षद ने तो सफाई व्यवस्था से क्षुब्ध होकर यह है, मेरठ स्मार्ट सिटी का बैनर तैयार कराकर गंदगी के ढेर के बीच लगवा दिया है। फिलहाल बेपटरी सफाई व्यव्स्था के मु्ददे पर जिम्मेदार कौन है, सबसे बड़ा सवाल है?

क्रांतिधरा पर 13 मई 2023 को ट्रिपल इंजन सरकार बनी थी और अब उसे बने पांच माह बीत चुके हैं। जन प्रतिनिधि एवं अधिकारियों के आरोपों प्रत्यारोपों के बीच सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी चल रही है। सफाई व्यवस्था के मुद्दे पर ट्रिपल इंजन सरकार जनता के सवालों के बीच लाचार दिखाई दे रही है। आखिर इस बेपटरी सफाई व्यवस्था के मुद्दे पर जिम्मेदार कौन है। महापौर-नगरायुक्त-पार्षद या फिर सफाई कर्मचारी बड़ा सवाल। शहर की जनता ने महापौर को चुनते हुए सबसे ज्यादा सफाई व्यवस्था एवं जाम की समस्या से निजात को सड़क किनारे होने वाले अतिक्रमण पर अंकुश लगाने ओर पूर्व के अतिक्रमण को हटवाने की मांग की थी,

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लेकिन जनता की अपेक्षा पर ट्रिपल इंजन सरकार खरी क्या उतरती वह पार्षदों की अपेक्षा के अनुरूप भी कार्य नहीं करती दिखाई दे रही, तभी तो पार्षद गंदगी के ढेर के बीच स्मार्ट सिटी का बोर्ड लगाने को मजबूर हो रहे हैं। वार्ड-80 के पार्षद महसर उर्फ गुड्डू अंसारी के द्वारा नगरायुक्त एवं महापौर से लेकर तमाम आलाधिकारियों को वार्ड में पसरी गंदगी को लेकर कई बार शिकायतें की। साथ ही वार्ड में बेपटरी सफाई व्यवस्था के लिए सुपरवाईजर एवं सफाई कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई ओर सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर पार्षद ने कूड़े के ढेरों के बीच स्मार्ट सिटी का बैनर लगा दिया है।

उधर पार्षद कुलदीप उर्फ कीर्ति घोंपला समेत कई पार्षद बेपटरी सफाई व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को शिकायती पत्र अपने लेटर पेड पर लिखकर दे चुके हैं, लेकिन सफाई व्यवस्था में कोई सुधार नहीं होता दिखाई दे रहा है। उधर, दूसरी तरफ जिस नौचंदी ग्राउंड परिसर के सौंदर्यीकरण एवं पटेल मंडप की रंगाई पुताई एवं खिड़की आदि पर करोड़ों रुपये निगम व जिला पंचायत द्वारा खर्च किए गए थे। वहां पर जाकर देखा जाए तो मानों पटेल मंडप एवं परिसर ख्ांडहर में कुछ दिनों के भीतर ही दिखाई देने लगा है। इतना ही नहीं पटेल मंडप के निकट बनी करीब 10 लाख रुपये से अधिक की सड़क गायब हो गई। उसके लिए जिम्मेदार ठेकेदार या फिर बीवीजी कंपनी फिलहाल सड़क वहां से उखड़कर गायब हो चुकी है।

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परिसर में गंदगी का आलम यहां तक है कि राष्टÑपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास ही कूड़ा डाला जा रहा है, जिसके चलते वहां पर पहाड़ बनने शुरू हो गए हैं। पटेल मंडप शराती तत्वों का अड्डा बन चुका है। कुछ युवक पटेल मंडप को क्रिकेट मैदान मानकर उसमें खेलते देखे जा सकते हैं, जिसमें बॉल आदि के लगने से खिड़की के शीशे पूरी तरह से टूट गए हैं। फिलहाल सफाई व्यवस्था के मुद्दे पर ट्रिपल इंजन सरकार आखिर जनता के सवालों में लाचार दिखाई दे रही है।

नगर निगम के अधिकारियों को इस संबंध में कई बार कहा जा चुका है। इस संबंध में एक बार फिर से नगर निगम के अधिकारियों से कहा जायेगा कि वह सफाई व्प्यवस्था को बेहतर बनाएं।-हरिकांत अहलूवालिया महापौर

सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने का प्रयास जारी है। समय-समय पर वार्डों का निरीक्षण किया जा रहा है। जहां पर शिकायत सही पाई जाती है, वहां पर सफाई कर्मचारी या सुपरवाइजर के खिलाफ कार्रवाई भी अमल में लाई जा रही है। जल्द ही शहर की सफाई व्यवस्था ओर भी बेहतर बने उसका प्रयास जारी है। -डा. हरपाल सिंह, प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी

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