Tuesday, March 3, 2026
- Advertisement -

ढाई साल सुनवाई, 100 तारीख, उम्रकैद

  • आरोपी ने इकलौते बेटे के सामने पत्नी की गर्दन काटकर की थी हत्या
  • कोर्ट का फैसला आने पर महिला के परिजनों में दौड़ी खुशी की लहर

जनवाणी संवाददाता  |

कंकरखेड़ा: अध्यापिका पत्नी की हत्या करने वाले को कोर्ट ने सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। करीब ढाई साल चली सुनवाई के दौरान अदालत में 100 तारीखें लगीं। शिवलोकपुरी कॉलोनी की रहने वाली अध्यापिका की साल 2022 में उसके पति द्वारा इकलौते बेटे के सामने महिला की सिर में हथौड़ा मारकर और चाकू से गर्दन काटकर हत्या कर दी गई थी। शुक्रवार देर शाम कोर्ट ने आरोपी पति के खिलाफ आजीवन कारावास की सजा सुना दी। जिसके चलते महिला के परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई।

कंकरखेड़ा श्रद्धापुरी सेक्टर-7 मकान नंबर-80 निवासी विशाल पुत्र ओमप्रकाश ने बताया कि उसकी बहन प्रतिमा की शादी 2009 में कंकरखेड़ा के शिवलोकपुरी निवासी देवेंद्र पुत्र नाथू सिंह से हुई थी। प्रतिमा सरधना के नानू गांव के एक सरकारी स्कूल में अध्यापिका थी। देवेंद्र कुछ नहीं करता था। वह शराब पीने का आदी था। वह आए दिन उनकी बहन से लड़ाई, झगड़ा करता रहता था और शराब पीने के लिए उनसे पैसे मांगता रहता था। जब उनकी बहन प्रतिमा शराब पीने के लिए पति को पैसे नहीं देती थी तो वह मारपीट और जान से मारने की धमकी देता रहता था।

गत 24 अप्रैल, 2022 को उनकी बहन 11 साल के बच्चे मोहक को नाश्ता कर रही थी। तभी देवेंद्र आया और शराब पीने के लिए पैसे मांगे, प्रतिमा ने शराब के लिए पैसे नहीं दिए तो वह हथौड़ा उठाकर लाया। उसने प्रतिमा के सिर पर कई वार किए। जिससे वह घायल होकर बेड पर गिर गई। उसके बाद देवेंद्र रसोई में गया और चाकू उठाकर लाया और उसने चाकू से प्रतिमा के गर्दन पर तब तक वार करता रहा, जब तक उसका दम नहीं निकल गया। हत्या के बाद वह भागने लगा,

तभी मैंने उसे भागते हुए रास्ते में देखा और बहन के घर पहुंचा और बहन को मृतक देख कंकरखेड़ा थाने में इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सुबोध सक्सेना टीम के साथ पहुंचे और घेराबंदी करते हुए मार्शल पिच के पास से आरोपी देवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया था। जिसके बाद थाने में बहन प्रतिमा के आरोपी पति देवेंद्र के खिलाफ धारा 302 में मुकदमा दर्ज कर दिया गया था। यह मुकदमा एडीजीसी पदम सिंह और वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेश चंद्र द्वारा लड़ा जा रहा था।

ढाई साल और 100 तारीख लगने के बाद शुक्रवार को कोर्ट संख्या सात अपर जिला जज अभिषेक उपाध्याय द्वारा फैसला सुनाया गया। पत्नी के हत्यारे देवेंद्र को कोर्ट द्वारा आजीवन कारावास संरक्षम कारावास और 50 हजार का आर्थिक दंड की सजा सुनाई। फैसला आने पर प्रतिमा के पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई है। जब प्रतिमा की हत्या की गई थी, उसे समय उनका बेटा मोहक 11 साल का था, जोकि परतापुर हाइवे स्थित सेंट पैट्रिक स्कूल में कक्षा सातवीं की पढ़ाई कर रहा था।

प्रतिमा की हत्या होने के बाद उनके बेटे मोहक की पूरी जिम्मेदारी उनके मामा विशाल ने ले ली थी और विशाल तभी से उनकी देखरेख कर रहे हैं। मोहक साढ़े 13 साल का हो चुका है और वह कक्षा सातवीं में पढ़ाई कर रहा है। जब मोहक को पता चला कि उसकी मां की हत्यारे पिता को आजीवन कारावास की सजा मिली है तो वह भी काफी खुश हुआ और मामा विशाल से बोला कि मां जो आपने लड़ाई लड़ी थी, उसका फल आज हमें मिल गया है।

आरोपी पति को मिलना चाहिए था मृत्युदंड

महिला प्रतिमा के परिजनों का कहना है कि उसके आरोपी पति देवेंद्र को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, उसको तो कोर्ट द्वारा मृत्युदंड मिलना चाहिए था, तभी परिवार के सभी लोग पूर्ण रूप से संतुष्ट होते।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

Chandra Grahan 2026: ग्रहण समाप्ति के बाद तुरंत करें ये 5 काम, जीवन में सुख-शांति का होगा वास

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत...

US: टेक्सास में गोलीबारी में भारतीय मूल की छात्रा समेत चार की मौत, 14 घायल

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: अमेरिका के टेक्सास राज्य की...
spot_imgspot_img