जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: राजधानी के आदर्श नगर इलाके में रविवार देर शाम एक फैक्ट्री के सेप्टिक टैंक में सफाई के लिए उतरे पांच मजदूरों में से दो की दम घुटन से मौत हो गई।
दमकल कर्मियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी को बाहर निकाला और बेसुध हालत में बाबू जगजीवन राम अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने दो को मृत घोषित कर दिया जबकि तीन को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर फैक्ट्री मालिक को हिरासत में ले लिया है।
जांच में पता चला है कि सभी मजदूर बिना सुरक्षा उपकरणों के सेप्टिक टैंक में उतरे थे, जबकि मैनुअल सफाई पर प्रतिबंध है। राजधानी में बीते एक सप्ताह में यह दूसरी घटना है। इससे पहले 10 अक्तूबर को बदरपुर इलाके में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान मकान मालिक और मजदूर की मौत हो गई थी।
शाम करीब सात बजे पुलिस व दमकल विभाग को जीटी करनाल रोड, गोल्ड फैक्ट्री, हंस सिनेमा के सामने एक सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान पांच मजदूरों के बेहोश होने की जानकारी मिली। दमकल कर्मी मौके पर पहुंचे और एक-एक कर सभी को बाहर निकालना शुरू किया। तीन मजदूरों को तुरंत निकाल लिया गया, जबकि दो मजदूर काफी नीचे तक फंसे हुए थे।
इन्हें निकालने के बाद सभी को बाबू जगजीवन राम अस्पताल में भर्ती कराया। मृत मजदूरों की शिनाख्त इदरीश (45) और सलीम (50) के रूप में हुई। दोनों खुर्जा, बुलंदशहर के रहने वाले हैं। जिन मजदूरों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई उनमें इस्लाम (46), चांद (45) और अब्दुल (35) शामिल हैं।
नियम के मुताबिक सीवर या सेप्टिक टैंक की सफाई करने वाले मजदूरों के पास ऑक्सीजन मास्क, हेलमेट, ग्लव्स आदि सुरक्षा उपाय होने चाहिए, लेकिन इन मजदूरों के पास कुछ भी नहीं था। फैक्ट्री मालिक ने उन्हें सेप्टिक टैंक में ऐसे ही उतार दिया था।
सेप्टिक टैंक की सफाई का काम चल रहा था। इस घटना में दो लोगों की जान गई है। दिल्ली पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की तफ्तीश में जुट गई है।
-अतुल गर्ग, निदेशक दमकल विभाग

