- मदरसा शाही के विशेष इजलास का हुआ आयोजन
जनवाणी संवाददाता |
बुढ़ाना: कस्बे के लुहसाना रोड के निकट जमीयत कालोनी में स्तिथ मदरसा शाही दारुल क़ुरआन में सोमवार को दर्जनों उलमा-ए-इकराम (धार्मिक विद्वानों की उपस्तिथि में विशेष इजलास का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में शिक्षण कार्य को प्रारम्भ कर मोहल्लो के लोगो से अपने अपने बच्चो को शिक्षा दिलाने की अपील की।
विशेष इजलास का आयोजन मौलाना इमरान हुसैनपुरी के संरक्षण व जमीयत उलमा बुढ़ाना के नगर अध्यक्ष हाफ़िज़ शेरदीन की अध्यक्षता में हुआ। इजलास का संचालन मौ0आसिफ कुरैशी ने किया। अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में हाफ़िज़ शेरदीन ने कहा की मुझे दिसंबर 2018 में जमीयत उलमा की ज़िम्मेदारी को सौंपा गया था। और एक साल पहले मेरे से पूर्व ज़िम्मेदार हाफ़िज़ तहसीन व् मौ0आसिफ कुरैशी,हाजी शराफत अली आदि ने काबिले तारीफ़ क़दम को उठाया और बच्चो की दीनी तालीम की फ़िक्र लेकर आगे बढ़े जो अपने आप में बहुत ही सराहनीय कार्य है उन्होंने कहा की शिक्षा महत्त्वपूर्ण है जिसका कोई मोल नहीं है।
उन्होंने कहा की मदरसों की ख़िदमात के लिए अल्लाह अपने नेक बंदो को क़ुबूल करता है और उनसे काम लेता है। हाफ़िज़ शेरदीन मदरसों की अहमियत पर रौशनी डालते हुए कहा की मदरसों की समाज के उत्थान के लिए अहम भूमिका है जिसको भुलाया नहीं जा सकता है उन्होंने कहा की मदरसे से पढ़ने वाले ही देश के सबसे पहले शिक्षा मंत्री बने और बड़े बड़े वैज्ञानिक बने। उन्होंने कहा की देश की आज़ादी के लिए मदरसों के पढ़ने वाले उलमा ने जेलों की ज़िंदगी को काटा और देश के लिए क़ुर्बानियों को दिया , मौलाना इमरान हुसैनपुरी ने इस्लाही ब्यान करते हुए कहा की मदरसे की ज़िम्मेदारी अपने आपमें बड़ी जिम्मेदारी होती है इस लिए मदरसों वालो का साथ देना हम सबकी ज़िम्मेदारी बनती है l मौलाना इमरान ने मोहल्लेवासियों से मदरसों में शिक्षा दिलाने की अपील की। हाफ़िज़ तहसीन ने कहा की मदरसों से हमारी पहचान है और दीन के क़िले है।
मुफ़्ती अब्दुल क़ादिर कासमी ने जमीयत उलमा-ए-हिन्द की बुढ़ाना यूनिट की सराहना करते हुये मुबारकबाद पेश की और कहा यहां की ज़िम्मदारो ने बड़ा कारनामा अंजाम दिया है उन्होने कहा की मदरसों से हमेशा अम्न का पैगाम जाता रहा है ओर जाता रहेगा। हाफ़िज़ अल्लाह मैहर ने मदरसों की अहमियत पर रौशनी डाली। हाजी शराफत ने कहा यहाँ सभी कार्यकर्ता बड़ी मजबूती से काम को लेकर चल रहे जो सराहनीय है। मुफ़्ती वसीम व् मुफ़्ती असरार ने ब्यान करते हुये जमीयत उलमा बुढ़ाना के ज़िम्मदारो को मुबारकबाद देते हुये कहा की यह कार्य बड़ा अहम है। मौ0आसिफ कुरैशी ने मदरसे के इतिहास पर विस्तार से प्रकाश डाला और कहा की जमीयत उलमा-ए-हिन्द की स्थानीय यूनिट के पदाधिकारियों ने बच्चो की शिक्षा के लिए इस ज़मीन को सन 2017 में खरीदा था, आसिफ कुरैशी ने बताया की 24 अक्टूबर 2021 को हज़रत मौलाना सय्यद अरशद मदनी साहब राष्ट्रीय अध्यक्ष जमीयत उलमा-ए-हिन्द ने मदरसे की बुनियाद रखा और विशेष दुआ कराई थी।
इस मौके पर विशेष रूप से मौलाना शोयब आलम क़ासमी,सूफी रियाजुल हक़,हाफ़िज़ अब्दुल गफ्फार,हाफ़िज़ खान मौ,मुफ़्ती फैज़ान, कारी अब्दुल क़ादिर फलाही, हाफ़िज़ यामीन, हाफ़िज़ वकील, मौ नवेद फरीदी, जमशेद आलम इस्लाम मंसूरी, आरिफतुफैल, नसीम, निशार, मेहरदीन, शाहिद कुरैशी, अब्दुल नासिर सिद्दीक़ी आदि मौजूद रहे।

