Wednesday, February 11, 2026
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गुंडागर्दी में हुआ वैभव का कत्ल, युवकों में चल रही थी आपस में टशनबाजी

  • आरोपी ने जातीय संघर्ष को किया स्वीकार, तीन को भेजा जेल

जनवाणी संवाददाता |

कंकरखेड़ा: हाइडिल कालोनी निवासी वैभव यादव की रंजिश में हत्या कर दी गई। युवकों में आपस में टशनबाजी चल रही थी। जिसको लेकर यह झगड़ा हुआ और एक की जान चली गई। पुलिस ने घटना में शामिल तीन आरोपियों को जेल भेज दिया है। जबकि चौथे आरोपी की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।

बताया गया कि 22 सितंबर को वैभव यादव बाइक में पेट्रोल भरवाने जा रहा था। वहां पर आदित्य, अमन, निखिल से उसकी रंजिश चल रही थी। जिसको देखते हुए वहां पर झगडा हो गया। झगड़ा बढा तो युवकों ने भी पथराव कर दिया और पीछे दौड़ पडे। जल्दबाजी में वैभव ब्रेकर से टकराने पर वह तेज गति से सड़क पर गिर गया था। गंभीर हालत में नोएडा फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां उसकी रविवार की सुबह मौत हो गई थी। मौत के बाद मृतक के साथियों ने कंकरखेडा थाने और हाइवे पर जाम लगाकर हंगामा किया।

पोस्टमार्टम के बाद शव जब हाइडिल कालोनी में पहुंचा तो वहां पर भी भाजपा नेता और इंस्पेक्टर के साथ धक्का-मुक्की हो गई थी। देर शाम उसका अंतिम संस्कार कर दिया था। पुलिस आरोपियों की तलाश में लगी थी। पुलिस ने रात में ही तीन को गिरफ्तार कर लिया था।

वहीं, अमन व निखिल ने बताया कि जातीय संघर्ष में वैभव यादव को मारा गया है। उसने नजरों से देख लेने पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया था। इसी टशनबाजी के चलते वैभव यादव के साथ झगड़ा किया और उसे सड़क पर दौड़ाया गया। आखिर में वह ब्रेकर से बाइक सहित पलट गया। घायल होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसकी मौत हो गई। पुलिस ने तीनो आरोपियों से घटना में शामिल ईंट आदि बरामद कर ली है। तीनों आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया है, जबकि चौथे आरोपी की तलाश की जा रही है। पुलिस ने अमन ओबरॉय पुत्र राजकुमार निवासी 454/3 निवासी कमलानगर महावीरजी नगर थाना टीपी नगर, निखिल पुत्र संजीव निवासी मॉडल टाऊन कंकरखेडा व आदित्य प्रधान पुत्र रामेश्वर कुमार निवासी शिवलोक पुरी को जेल भेज दिया है।

शोभापुर के जातीय संघर्ष से जुड़ा हुआ है मामला

निखिल और अमन ने यह भी स्वीकार किया कि मामला जातीय संघर्ष से जुड़ा है। आरोप लगाया कि वैभव यादव ने उसकी तरफ को देखने पर जातिसूचक शब्द बोले थे। आखिर यदि वैभव ने यह शब्द बोले तो सुबह भी जान बचाकर क्यों भागा। जबकि शाम को भी वह जान बचाकर भाग रहा था। उसने थाने में सुबह के समय भी जान को खतरा बताते हुए तहरीर दी थी। दरअसल फाजलपुर, कासमपुर और शोभापुर के काफी युवक नशे में लिप्त रहते है। जो दो गुटों में बटे हुए है। आये दिन नशे में झगड़े भी करते रहते है। इन युवकों में जातीय भेदभाव लगातार बढ़ रहा।

इस तरह के मामले में शोभापुर के कई युवक जेल भी जा चुके हैं। जिसमें कई हत्या भी हो चुकी है। रविवार को जिस तरह से वैभव यादव की मौत पर युवकों में आक्रोश था, इससे अंदेशा है कि यह संघर्ष और बढ़ सकता है। सूत्रों का कहना है कि यह दोनों गुट किसी न किसी रूप में शोभापुर के दोनों गुटों से जुड़े हुए है। इसमें बड़ा कारण नशाखोरी ही बताया जा रहा है।

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