- रटौल गांव के कब्जाधारी परिवारों को लेखपाल ने जारी कर दिए थे नोटिस
जनवाणी संवाददाता |
चांदीनगर: रटौल गांव में ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर मामला तूल पकड़ने लगा है। रटौल के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर इसकी शिकायत करते हुए कहा की वह गरीब व्यक्ति है और पिछले तीस वर्षो से जमीन पर काबिज है इसलिए उन्हें कब्जा दिया जाये।
यह मामला लेखपाल के नोटिस देने के बाद तूल पकड़ा है और लेखपाल ने तीन दिन में जमीन खाली नहीं करने पर बुलडोजर से कब्जा मुक्त कराने की चेतावनी दी है।
रटौल नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद प्रशासन ने ग्राम समाज की जमीन को चिन्हित करना शुरू कर दिया है। बुधवार को हलका लेखपाल मय फोर्स के रटौल पुजाये पर स्थित तालाब के पास ग्राम समाज की जमीन को कब्जा मुक्त कराने पहुंचे जहां बने मकानों में रहने वाले लोगों ने इसका विरोध किया।
जिसके बाद लेखपाल द्वारा तीन दिन में घरों को खाली करने को कहा गया जिसके बाद गुरुवार को वहां रहने वाले लोगों ने प्रशासन टीम की कार्रवाई को लेकर नाराजगी दिखाई। उन्होंने कहा की लेखपाल बगैर नोटिस दिये जेसीबी लेकर वहां पहुंचे और उनको इसकी जानकारी तक नहीं दी गयी है।
वहां रहने वाले गुलशन, निजाम, बाबू, वसीमा ने बताया की वह पिछले तीस वर्षों से यहां रह रहे है और काफी गरीब है। उन्हें वहां रहने दिया जाये। वहीं ग्राम प्रधान नसरीन जाकिर और समाजसेवी निजारत चौधरी ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज करायी है।
उन्होंने पोर्टल पर दर्ज शिकायत में कहा की गरीब लोग पिछले तीस वर्षो से झोपडी कच्चा पक्के मकान बनाकर वहां रह रहे है। गरीबों को कब्जा दिला वहां रहने दिया जाये। उधर, लेखपाल सुन्दरलाल ने कहा की प्रशासन द्वारा तालाबों से अवैध कब्जे और ग्राम समाज की जमीन से अवैध कब्जे हटवाने के आदेश है। उन्होंने कहा जल्द सभी को नोटिस जारी किया जायेगा और जमीन कब्जा मुक्त कराई जायेगी।

