जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: आज बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया गया। इसे लेकर विपक्ष द्वारा लगातार सरकार की मंशा पर सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि इस विधेयक के माध्यम से सरकार धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करने की कोशिश कर रही है, लेकिन केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इस मुद्दे पर लोकसभा में स्पष्ट जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक का उद्देश्य सिर्फ वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में सुधार करना है, और इस विधेयक का किसी भी धार्मिक स्थल, जैसे मंदिर, मस्जिद, या अन्य किसी धार्मिक स्थल के प्रबंधन से कोई संबंध नहीं है। रिजिजू ने यह भी स्पष्ट किया कि इस विधेयक के जरिए सरकार किसी भी धर्म के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगी।
दुनिया का सबसे बड़ी वक्फ संपत्ति भारत में
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि ‘दुनिया का सबसे बड़ी वक्फ संपत्ति भारत में है। ऐसा कहा जाता है कि भारत में रेलवे और रक्षा क्षेत्र के बाद तीसरी सबसे ज्यादा जमीन वक्फ बोर्ड के पास है, लेकिन रेलवे और रक्षा क्षेत्र की संपत्ति देश की संपत्ति है। रेलवे की संपत्ति का पूरे देश के लोग इस्तेमाल करते हैं और रक्षा क्षेत्र की जमीन का इस्तेमाल देश की सुरक्षा में होता है, जबकि वक्फ बोर्ड की संपत्ति निजी संपत्ति है। वक्फ बोर्ड के पास लाखों एकड़ जमीन और लाखों करोड़ की संपत्ति है तो देश के गरीब मुसलमानों के लिए इसका इस्तेमाल क्यों नहीं किया जा रहा है?’
किरेन रिजिजू ने कहा, ‘अब वक्फ बोर्ड में शिया, सुन्नी, बोहरा, पिछड़े मुसलमान, महिलाएं और विशेषज्ञ गैर-मुस्लिम भी होंगे। मैं अपना खुद का उदाहरण देता हूं। मान लीजिए मैं मुसलमान नहीं हूं लेकिन मैं अल्पसंख्यक मामलों का मंत्री हूं। फिर मैं सेंट्रल वक्फ काउंसिल का चेयरमैन बन जाता हूं। मेरे पद के बावजूद, काउंसिल में अधिकतम 4 गैर-मुस्लिम सदस्य हो सकते हैं और उनमें से 2 महिला सदस्य अनिवार्य हैं।’
दरअसल, विपक्षी दलों द्वारा यह आरोप लगाया जा रहा है कि इस विधेयक के जरिए सरकार वक्फ बोर्डों पर अधिक नियंत्रण स्थापित करना चाहती है, लेकिन रिजिजू ने यह सुनिश्चित किया कि इस विधेयक का उद्देश्य केवल प्रबंधन में सुधार लाना है, न कि धार्मिक मामलों में किसी प्रकार का हस्तक्षेप करना।