Friday, April 3, 2026
- Advertisement -

दस किलोमीटर पैदल चलकर 15 घंटे बाॅर्डर पर खड़े रहे

  • यूक्रेन से भारत पहुंचे विकास ने बयां किया भयावह मंजर
  • पेपर स्प्रे का भारतीय छात्रों पर किया गया उपयोग, हवाई फायरिंग से ड़राया
  • परिजनों ने ली राहत की सांस, रात-रातभर जागकर करते थे सलामती की दुआ

जनवाणी संवाददाता  |

मुजफ्फरनगर: रूस व यूक्रेन के बीच जंग जारी है, परन्तु इस लड़ाई में कहीं न कहीं भारतीय भी प्रभावित हो रहे हैं। भारत में हजारों परिवार ऐसे हैं, जो उस दिन से सोये नहीं हैं, जब से रूस व यूक्रेन के बीच जंग शुरू हुई है, वजह है यूक्रेेन में पढ़ाई करने के लिए गये छा़त्रों का फंसा होना।

WhatsApp Image 2022 03 03 at 3.12.08 PM

हालांकि भारत सरकार के प्रयास से यह छात्र धीरे-धीरे घर वापिस पहुंच रहे हैं, परन्तु जो बच्चे वहां फंसे हुए हैं, वह क्या दुख झेल रहे हैं, इसका अंदाजा भारत पहुंचे बच्चों द्वारा बताई गई आबबीती से लगाया जा सकता है।

WhatsApp Image 2022 03 03 at 3.12.09 PM

गुरूवार को यूक्रेन में फंसे मुजफ्फरनगर जिले के दो छात्र और अपने घर लौट आए हैं। इन छात्रों में एक रामपुरी तथा रतनपुरी के गांव बड़सू का निवासी है। इनके लौटने से परिवार वालों में खुशी का माहौल है। हालांकि अभी और भी भारतीय छात्र रोमानिया में शेल्टर होम में ठहरे हुए है, जबकि कुछ पौलेंड और रोमानिया के बार्डर पर अटके हैं।

WhatsApp Image 2022 03 03 at 3.15.46 PM 1

गुरुवार की सुबह दिल्ली से चलकर दोपहर टैक्सी से क्षेत्र के गांव बड़सू के रहने वाले डॉ. महकार सिंह का बेटा विकास यूक्रेन के शहर इवानो से लौट आया है। विकास दोपहर बारह बजे करीब अपने घर पहुंचा। अपने बेटे को घर वापस देखकर परिजनों ने राहत की सांस ली।

WhatsApp Image 2022 03 03 at 3.15.46 PM

विकास ने यहां पहुंचकर यूक्रेन के जो हालात बयां किये, वह रोंगटे खड़े कर देने वाले थे। विकास ने बताया कि वह रात्रि के समय अपने ठिकाने से निकले थे,परन्तु उन्हें बाॅर्डर से दस किलोमीटर पहले ही उतार दिया था। अपने दस किलोग्राम सामान के साथ वह दस किलोमीटर पैदल चलकर रोमानिया बाॅर्डर पर पहुंचे थे, जहां पर उन्हें 16-17 घंटे तक खड़े रहना पड़ा।

WhatsApp Image 2022 03 03 at 3.15.47 PM

विकास ने बताया कि इस दौरान यूक्रेन सेना द्वारा उन्हें डराने के लिए हवाई फायरिंग की जा रही थी और पेपर स्प्रे का भी इस्तेमाल किया गया। विकास ने बताया कि उन्हें रोमानियां सरकार का बहुत सहयोग मिला|

WhatsApp Image 2022 03 03 at 3.15.49 PM

जिन्होंने उन्हें शेल्टर हाउस में रूकने की व्यवस्था की साथ ही भारत सरकार द्वारा भी शेल्टर हाउस में जरूरत का सामान पहुंचाया गया। विकास का कहना है कि यूक्रेन के हालत बहुत खराब हैं|

WhatsApp Image 2022 03 03 at 3.15.50 PM

वहां पर किसी भी समय सायरन बज जाता है और उन्हें बंकरों में छिपकर जान बचानी पड़ती है।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

उत्पाती होते बच्चों की मानसिकता

उषा जैन ‘शीरीं’ बच्चों का अधिकतम समय शिक्षा ग्रहण करते...

नफरत किस से करू…कैसे करूं?

क्या जमाना आ गया है, जहां कभी फोटो खिंचवाने...

क्या ममता करेंगी फिर से धमाल?

अब जब चुनाव की तारीखें घोषित हो चुकी हैं...

ईरान के मामले में चूक गए ट्रंप

जॉर्ज बर्नार्ड शॉ ने जॉर्ज विल्हेम फ्रेडरिक हेगेल के...

Raza Murad: रजा मुराद ने मां को याद कर लिखा भावुक संदेश, कहा- ‘सबसे बड़ा आशीर्वाद’

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत...
spot_imgspot_img