- डेढ़ सौ फीट की गहरी खुदाई कर ऑपरेशन हुआ पूरा
- लंबी जद्दोजहद के बाद भी नहीं मिल पाई रूपक की डेड बॉडी
जनवाणी संवाददाता |
रोहटा: शुक्रवार को दोपहर एक बजे एनडीआरएफ की 15 सदस्य टीम व रैपिड रेल की 20 सदस्य टीम की अगुवाई में शुरू किया गया ऑपरेशन रूपक रात 8:00 बजे थम गया।
इस दौरान डेढ़ सौ फीट की गहराई तक खुदाई करने के बाद भी टीम को कुछ नहीं मिल पाया। जिसके बाद ऑपरेशन रोक दिया गया तथा मशीनें वापस भेजने की तैयारी की जा रहीं हैं।
इंजीनियर खुर्शीद ने बताया कि मशीन की कैपेसिटी डेढ़ सौ फीट की चौड़ाई तक थी जो दोपहर एक बजे से रात आठ बजे तक चले ऑपरेशन के दौरान खुदाई पूरी कर चुकी थी।
इस दौरान बोरवेल से केवल कपड़े, ईंट-पत्थर आदि मिल पाई। थोड़ा बहुत अवशेष भी मिला, इसे पुलिस कब्जे में कर ले गई।पूरी तरह का कोई बड़ा अवशेष टीम को निकालने में सफलता सफल नहीं मिल पाई।
खुर्शीद आलम ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान की गई खुदाई के दौरान कई बार बाधा उत्पन्न हुई, लेकिन मशीन को ठीक करके दोबारा चलाया गया।
जिसके बाद रात आठ बजे ऑपरेशन को खुदाई पूरी होने के बाद रोकना पड़ा। इसे लेकर लाखों रुपए खर्च होने और इतना तामझाम जुड़ने के बाद भी ऑपरेशन रूपक में पुलिस-प्रशासन व एनडीआरएफ की टीम को सफलता नहीं मिल पाई। जहां टीम को मायूसी हाथ लगी वहीं परिवार वालों की भी अपने लाड़ले की डेड बॉडी मिलने की आशा निराशा में बदल गई।
देर रात तक घटना स्थल पर डेड बॉडी मिलने की उम्मीद में रहे। परिजन मायूस होकर वापस घर को चले गए। बताया गया है कि आपरेशन रूपक फिलहाल रोक दिया गया है और आगे की रणनीति शनिवार को पुलिस-प्रशासन तय करेगा।

