Thursday, March 5, 2026
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छोड़ आए हम वो गलियां, अब दिल है ‘हिन्दुस्तानी’

  • पाक चुनाव: बरसों पहले भारत में ब्याही पाकिस्तानी महिलाएं वहां हो रहे आम चुनावों से बेपरवाह

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: एक दौर था जब भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में ताजगी थी, मोहब्बत थी और सुकून था। 1947 के बंटवारे के बाद तक भी काफी समय तक दोनों मुल्कों के रिश्तों में गर्माहट थी। रिश्तों की इन्हीं गर्माहट के बीच पाकिस्तान की कई महिलाएं भारतीयों को दिल दे बैठीं और यहीं की होकर रह गर्इं। वो बाकायदा यहां के पुरुषों से निकाह कर भारत आर्इं और यहीं की नेशनलटी (नागरिकता) हासिल कर ली। समय बीतता गया और पाक की ‘नापाक ’ चालों के चलते दोनों देशों के बीच रिश्तों का सेतु टूट गया।

पाकिस्तान में गुरुवार को आम चुनाव हुए। इन चुनावों में नवाज शरीफ की पीएमएल-एन और इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (पीटीआई) के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। इसके अलावा बिलावल भुट्टो जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने भी मजबूती से चुनाव लड़ा। मेरठ में बियाही गर्इं कुछ पाकिस्तानी महिलाओं (अब भारतीय नागरिकता प्राप्त) से जब हमने पाक में हुए आम चुनावों को लेकर उनका रुख जानना चाहा तो उनमें से कुछ को तो यह पता ही नहीं था कि उनके मुल्क में गरुवार को आम चुनाव हैं,

जबकि अधिकतर का कहना था कि ‘छोड़ आए हम वो गलियां…’। इनका मानना है कि अब हम भारतीय नागरिक हैं और दिल में सिर्फ हिन्दुस्तान बसता है। खैर नगर निवासी सरफराज की शादी लाहौर की अकीला बेगम से हुई। जब हमने अकीला बेगम की प्रतिक्रिया जाननी चाही तो पता चला कि उनका व उनके पति सरफराज का निधन हो चुका है। हांलाकि सरफराज के भाई व शायर एजाज पॉपूलर ‘मेरठी’ का कहना है कि उनकी भाभी अकीला बेगम ने भारतीय नागरिकता ले ली थी और उसके बाद उनके दिल में सिर्फ हिन्दुस्तान बसता था।

अकीला बेगम के बेटा और बेटी दोनों अब जर्मनी में हैं। उधर, तारापुरी निवासी इकबाल अहमद की पत्नी कहकशां कहती हैं कि उनकी शादी को 42 साल हो चुके हैं और इस दौरान वो सिर्फ एक बार (35 वर्ष पूर्व) पाकिस्तान गर्इं थीं। अब वो भारतीय हैं और पाकिस्तान से उनका कोई लगाव नहीं। वहां हो रहे चुनावों के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें सिर्फ इतना पता है कि गुरुवार को वहां इलेक्शन है।

करांची की शाहजहां बेगम का विवाह 1990 में पुर्वा फैयाज अली निवासी हामिद से हुआ था। हामिद का निधन कई साल पहले हो चुका है लेकिन इसके बावजूद शाहजहां पाकिस्तान वापस नहीं लौटीं और भारतीय नागरिकता हासिल की। पाक चुनावों के बारे में उनका कहना है कि वहां कोई जीते या हारे, उन्हें क्या। वो कहती हैं कि वो भारतीय नागरिक हैं, इसलिए यहीं के बारे में बात करें।

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