नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। हर साल की तरह इस बार भी भारत में शारदीय नवरात्रि का पर्व बड़े धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। यह महान उत्सव पूरे देश में दशहरे तक भक्ति और उत्साह का वातावरण बनाए रखता है। नवरात्रि की नौ दिवसीय अवधि पूरी तरह से मां दुर्गा और उनके नौ दिव्य स्वरूपों की विधि पूर्वक पूजा-अर्चना के लिए समर्पित होती है। धार्मिक मान्यता है कि शारदीय नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा का आगमन पृथ्वी पर होता है और वह भक्तों पर अपनी विशेष कृपा बरसाती हैं। हिंदू धर्म में नवरात्रि को पूजा, भक्ति, भजन-कीर्तन और देवी के प्रति भावनाएं व्यक्त करने का शानदार अवसर माना जाता है।
यदि नवरात्रि के नौ दिनों में सच्चे भाव से माता के नाम का स्मरण किया जाए, तो व्यक्ति के कष्टों का निवारण शीघ्र ही होता है। चूंकि नवरात्रि हिंदू धर्म के बड़े तीज-त्योहारों में से एक है, इसलिए घरों से लेकर पूजा-पंडाल सहित मंदिरों में पूजा-पाठ का भव्य आयोजन किया जाता है। साथ ही गरबा, गीत और डांडिया नृत्य जैसे कार्यक्रम के साथ इस पर्व का आनंद उठाया जाता है। इस वर्ष 22 सितंबर 2025, सोमवार से शारदीय नवरात्रि का प्रारंभ हो रहा है, जो 2 अक्तूबर 2025 गुरुवार को विजयादशमी पर समाप्त होगा। ऐसे में नवरात्रि के नौ दिनों के लिए देवी की पूजन सामग्री क्या रहेगी, आइए विस्तार से जानते हैं।
पूजा सामग्री
मिट्टी, मिट्टी का घड़ा, मिट्टी का ढक्कन, कलावा, जटा वाला नारियल,
जल, गंगाजल, लाल रंग का कपड़ा, एक मिट्टी का दीपक,
बंदनवार, पान, सुपारी,
बताशा, लाल रंग का कपड़ा,
फूल, घी, फूल माला, आम के पत्ते, पंचमेवा
पूजा की थाली, दीपक,
हल्दी, मौली, रोली, कमलगट्टा,
शहद, शक्कर, नैवेध,
नारियल जटा वाला, सूखा नारियल,
दूध, वस्त्र, दही, लौंग, मां दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर
श्रृंगार सामग्री
शीशा, लाल चुनरी, नथ, गजरा, बिंदी, काजल,
मेहंदी, महावर, शीशा, बिछिया, इत्र,
चोटी, पायल, मांग टीका, चूड़ियां, सिंदूर
लिपस्टिक, रबर बैंड,कान की बाली, कंघी,
शारदीय नवरात्रि
घटस्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 9 मिनट से प्रारंभ होगा।
यह मुहूर्त सुबह 8 बजकर 6 मिनट तक बना रहेगा।
दूसरा मुहूर्त सुबह 11 बजकर 49 मिनट से दोपहर के 12 बजकर 38 मिनट तक रहेगा।
शारदीय नवरात्रि कैलेंडर
22 सितंबर 2025 – प्रतिपदा (शैलपुत्री पूजा)
23 सितंबर 2025 – द्वितीया (ब्रह्मचारिणी पूजा)
24 सितंबर 2025 – तृतीया (चन्द्रघण्टा पूजा)
26 सितंबर 2025 – चतुर्थी (कूष्माण्डा पूजा)
27 सितंबर 2025 – पञ्चमी (स्कन्दमाता पूजा)
28 सितंबर 2025 – महाषष्ठी (कात्यायनी पूजा)
29 सितंबर 2025 – महासप्तमी (कालरात्रि पूजा)
30 सितंबर 2025 – महाअष्टमी (महागौरी पूजा)
1 अक्तूबर 2025 – महानवमी (सिद्धिदात्री पूजा)
2 अक्तूबर 2025 – विजयादशमी

