
नक्सलियों ने छत्तीसगढ़ राज्य के दंतेवाड़ा जिले में जिला रिजर्व गार्ड के 11 जवानों की हत्या कर दी है। दंतेवाड़ा समेत सात जिलों में शामिल बस्तर अभी भी नक्सलियों का सबसे बड़ा पनाहगाह बना हुआ है। यह जानते हुए भी कि नक्सली मार्च और जून के बीच जवानों को अक्सर निशाना बनाते हैं बावजूद इसके उनकी सुरक्षा को लेकर सावधानी क्यों नहीं बरती गयी। यह पहली बार नहीं है जब इन महीनों में नक्सलियों ने जवानों को निशाना बनाया हो। यह बेहद चिंता का विषय है कि छत्तीसगढ़ राज्य के घने जंगलों में पिछले चार दशक से नक्सली अपनी जड़ जमाए हुए हैं और उन्हें अभी तक खत्म नहीं किया जा सका है। तमाशा यह कि एक ओर नक्सली सरकार से शांति वार्ता का प्रस्ताव देते रहते हैं वहीं दूसरी ओर जवानों की जान ले रहे हैं। सवाल लाजिमी है कि आखिर उन पर किस तरह भरोसा किया जाए?