जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: खाकी के साथ गठजोड़ बनाकर वाहनों से लूट करने वाले तथाकथित भाजपा नेता आशुतोष आखिर कहां छुपा है, जो उसे पुलिस नहीं तलाश कर पा रही हैं? भाजपा से जुड़ा होने के कारण तो कहीं पुलिस आशुतोष पर खास मेहरबानी तो नहीं दिखा रही है। आशुतोष के भाजपा के प्रदेश स्तर के कई बड़े नेताओं के साथ भी फोटो वायरल हुए हैं, जिसके बाद से पुलिस के आला अफसरों ने आशुतोष की तलाश बंद कर दी। आशुतोष भी कहीं दिखाई नहीं दे रहा है।
पूरे मामले पर पर्दा डालने की भी कवायद की जा रही है। हालांकि विपक्ष के नेताओं ने इसे मुद्दा बना रखा हैं, जहां भी कोई विपक्ष की मीटिंग हो रही है, उसमें ही आशुतोष किस तरह से खाकी के साथ गठजोड़ कर वाहनों से लूट कर रहा था, उसके मुद्दे को ही उछाला जा रहा है।
आशुतोष ने एक तरह से देखा जाए तो भाजपा नेताओं को भी परेशानी में डाल दिया हैं? भाजपा नेता इस पूरे मामले को शांत होता देखना चाहते है, जिसके बाद ही इस विवाद से किसी तरह से पीछा छुट सकता है, लेकिन विवाद तब तक शांत होने वाला नहीं हैं, जब आशुतोष की गिरफ्तारी नहीं हो जाती हैं।
क्यों वांटेड हैं आशुतोष?
दरअसल, आशुतोष के खिलाफ परतापुर थाने में पशु लदे वाहनों से चौथ वसूलने का मुकदमा दर्ज हैं। आशुतोष के साथ दो पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी चौथ वसूली करने का मुकदमा दर्ज कराया गया था।
आशुतोष इस वजह से सुर्खियों में आ गया, क्योंकि भाजपा के प्रदेश स्तर के कई बड़े नेताओं के साथ उसके फोटो वायरल हो रहे हैं, जिसको लेकर पुलिस के आला अफसर भी शांत बैठ गए। आशुतोष को पकड़ने की दिशा में कोई काम नहीं हो रहा हैं। जिस तेजी के साथ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी, उतनी तेजी अब उसकी गिरफ्तारी को लेकर नहीं दिखाई जा रही है।
कौन है आशुतोष?
आशुतोष एनएएस कॉलेज में पढ़ता था, वहीं पर एनएचयूआई की छात्र राजनीति भी करता था। इसके बाद एबीवीपी में पहुंचा, जिसके बाद वह भाजपा के कई नेताओं के करीब पहुंच गया। उसके कुछ भाजपा विधायकों के साथ भी फोटो वायरल हो रहे हैं।
भाजपा में उसकी सक्रियता बढ़ गयी थी। एक संस्था भी संचालित कर रहा है, जो अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार करने जैसा अच्छा काम भी कर रही है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि वाहनों से लूट करने के बाद सामाजिक संस्थाओं को संचालित किया जा रहा था?

