- दोपहर बाद तक भी नहीं हो सका था अंतिम संस्कार
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: कोतवाली क्षेत्र के गांव लांक निवासी 99 बटालियन बीएसएफ के जवान विकास कुमार की पश्चिम बंगाल में मौत के बाद बुधवार की अलसुबह उसका शव गांव में पहुंचा। जिसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
मृतक जवान की पत्नी पंपा मेहता ने पति की हत्या का आरोप लगाते हुए शव का अंतिम संस्कार नहीं होने दिया। वहीं पति की हत्या की सीबीआई जांच कराने, शहीद का दर्जा देने सहित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की मांग उठाई। दोपहर तक भी शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका था।
शामली के गांव लांक निवासी भंवर सिंह का पुत्र विकास कश्यप 2013 में 99 बटालियन बीएसएफ में भर्ती हुआ था। 2018 में विकास की शादी पंपा मेहता से हुई थी। उनका एक साल का बेटा भी है।

पंपा मेहता भी बीएसएफ में ही है और दंपति पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में ही तैनात है। सोमवार सवेरे विकास कुमार का गोली लगा शव मिला था। उस दौरान विकास ड्यूटी पर था और उसकी रायफल भी वहीं पड़ी थी।
बुधवार की अलसुबह को पोस्टमार्टम के बाद जवान का शव गांव लांक पहुंचा था। जहां शव को देख परिजनों में कोहराम मच गया। इस दौरान बीएसएफ में तैनात विकास की पत्नी पंपा मेहता ने विकास की गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उसके पति ने आत्महत्या नहीं बल्कि उनकी गोली मारकर हत्या की गई है।
अब उसको भी जान का खतरा बना हुआ है। पंपा मेहता ने मांग की है कि पति की हत्या की सीबीआई जांच कराई जाए। मृतक आश्रित परिवार को सरकारी नौकरी दी जाए और शहीद का दर्जा दिया जाए। साथ ही पंपा मेहता ने अपना स्थानांतरण भी पश्चिम बंगाल से दिल्ली या पंजाब कराए जाने की मांग की है।
इस दौरान शव के साथ में आए बीएसएफ के अधिकारियों और शामली जिले के एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव व एसडीएम संदीप कुमार ने उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन, मांगे पूरी पत्नी व परिजन नहीं माने। दोपहर तक भी शव का अंतिम संस्कार नहीं हो सका था। राजनीतिक दलों व अन्य लोगों का गांव में श्रद्धांजलि देने के लिए तांता लगा रहा।


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