
वर्तमान दौर में सांप्रदायिक ताकतें तरह-तरह के रूप बदलकर, किसानों, नौजवानों, मजदूरों की और भारतीय जनता की एकता को तोड़ने में लगी हुई हैं। हमारे देश का संविधान चार सिद्धांतों- प्रजातंत्र, धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद और गणतंत्र पर आधारित है। ये चारों सिद्धांत एक दूसरे के साथ एक कड़ी में बंधे हुए हैं। संविधान निर्मात्री समिति के अध्यक्ष डॉक्टर बाबा साहेब आंबेडकर ने अपने कई भाषणों और लेखों में इस सच्चाई का खुलासा किया था कि बिना धर्मनिरपेक्षता और राजनीति से धर्म को अलग किए बिना प्रजातंत्र की कल्पना नहीं की जा सकती।