- नवनिर्वाचित सांसद अरुण गोविल ने जीत के बाद दिया आश्वासन
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जीत की खुशी में मतगणना स्थल पर पहुंचे नवनिर्वाचित सांसद अरुण गोविल ने मेरठ की जनता के लिए काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि वह भले ही एक कलाकार है, लेकिन अब वह जनप्रतिनिधि पहले है। कहा कि वह मेरठ में रहकर जनता की सेवा करेंगे। मंगलवार शाम करीब सात बजे अरुण गोविल जीत का प्रमाणपत्र लेने मतगणना स्थल पर पहुंचे। यहां उन्हें पत्रकारों ने घेर लिया और तीखे सवालों की बौछार कर दी। जब उनसे पूछा गया कि जिस तरह वह मतदान समाप्त होते ही मुंबई चले गए थे, तो अब भी क्या वह मुंबई में रहेंगे।
इस पर उन्होंने कहा कि मैं अब मेरठ-हापुड़ जिलों से सासंद हूं। जनता की सेवा करना मेरा फर्ज है। मेरठ में रहकर उनकी प्राथमिकता क्या रहेगी, इस पर उन्होंने कहा कि आज प्राथमिकता की बात न करें। इसके लिए पहले मुझे यहां के बारे में समझना पड़ेगा जिसके लिए कुछ समय चाहिए। जनता की उम्मीदों पर किस तरह खरा उतरेंगे तो इस पर उन्होंने कहा जनता की उम्मीदों पर किस तरह खरा उतरना नहीं, खरा उतरना पड़ेगा। विपक्षी नेता अक्सर आरोप लगाते रहे है कि वह मेरठ में नहीं रहते तो कैसे यहां की जनता के लिए काम करेंगे,
इस पर अरुण गोविल ने कहा कि वह मेरठ के थे, मेरठ के हैं और मेरठ के रहेंगे। विपक्षी नेताओं को जो कहना है कहने दो। जनता अपनी समस्या लेकर कहां जाएगी, आप कहां मिलेंगे इस पर अरुण गोविल ने कहा कि आज ही जगह कैसे बता सकता हूं। मुझे थोड़ा समय दीजिए जगह भी पता चल जाएगी। अगर मेरठ की जनता ने मेरे ऊपर विश्वास जताया है तो मैं उसपर खरा उतरूंगा।
एक बार फिर बने 2019 जैसे हालात
पांच साल पहले जैसा मामला हुआ था, इस बार भी कुछ ऐेसे ही हालात बने। उस बार सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी हाजी याकूब कुरैशी को बहुत ही कम अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। इस बार भी कमोबेश ऐसे ही हालात बने। इस बार सपा-कांग्रेस गठबंधन प्रत्याशी की ऐन मौके पर हार हुई। जिसे देखकर सपा समर्थकों में खासी मायूसी देखने को मिली।
वर्ष-2019 के चुनाव में सपा-बसपा के गठबंधन से हाजी याकूब कुरैशी और भाजपा के राजेन्द्र अग्रवाल में कांटे का संघर्ष था। किसी चरण में हाजी याकूब आगे होते तो किसी चरण में भाजपा के राजेन्द्र अग्रवाल कोग जीत हासिल होती। उठापटक का यह दौर चल ही रहा था कि शाम का अंधेरा होने लगा। उस समय परतापुर की कताई मिल पर मतगणना का कार्य चल रहा था। जबकि शहर में हाजी याकूब कुरैशी की जीत पर मिठाई भी बंटने लगी थी। लगभग एक घंटे तक मतगणना का कार्य रुका रहा। फिर ऐन मौके पर अंत में भाजपा के राजेन्द्र अग्रवाल की जीत का ऐलान किया गया।
कुछ ऐसे ही हालात इस बार के चुनाव के भी चल रहे थे। शुरू से ही ऐसा लग रहा था कि भाजपा प्रत्याशी अरुण गोविल को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ेगा। यहां तक दावे किये जा रहे थे कि वैश्य समाज ने भी पैराशूट प्रत्याशी होने की वजह से अरुण गोविल के खिलाफ मतदान किया है। लेकिन जब चुनावी नतीजे आने शुरू हुए तो किसी राउंड में सुनीता वर्मा को जीत नसीब हो रही थी तो किसी राउंड में अरुण गोविल बाजी मार रहे थे। आखिरी राउंड पर फिर 2019 जैसा ही नजारा बन गया कि जीत की कल्पना किसी ओर की की जा रही हो, और जीत कोई और जाये।
चुनाव के लिए समय कम मिला: सुनीता
मेरठ: मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से इंडिया गठबंधन की सपा के सिंबल पर चुनाव लड़ी सुनीता वर्मा ने कहा कि उन्होंने मजबूती के साथ चुनाव लड़ा। उन्होंने सेलिब्रिटी के खूब छक्के छुड़ाए। उन्होंने कहा कि चुनाव के लिए समय बहुत कम मिला। यदि 10-15 दिन चुनाव लड़ने को और मिल जाते तो चुनावी नतीजे कुछ और होते। पत्रकारों से बातचीत में सुनीता वर्मा ने कहा कि पार्टी हाईकमान ने उन्हें सामान्य सीट पर टिकट दिया, इसका वह आभार जताती हैं। उन्हें गठबंधन की पार्टी सपा के साथ-साथ कांग्रेस व अन्य दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मजबूती से चुनाव लड़ाया।
इसका वह आभारी हैं। चुनाव में हार के कारण के सवाल पर सुनीता ने कहा कि चुनाव लड़ने के लिए उन्हें बहुत कम समय मिला। इसमें उन्होंने अधिक से अधिक जनता के बीच पहुंचने की कोशिश की, लेकिन वह सभी क्षेत्रों में नहीं पहुंच पार्इं और सभी लोगों से संपर्क नहीं कर पार्इं। यहीं वजह है कि चुनाव में कुछ कमी रह गई। उन्हें जनता का भरपूर प्यार व समर्थन मिला, इसका वह तहेदिल से आभार जताती हैं।

