
डॉ अमित वर्मा |
महिलाओं का स्वास्थ्य और पोषण समाज की समृद्धि और स्थिति के प्रति महत्वपूर्ण योगदान देता है, क्योंकि एक स्वस्थ महिला ही समाज की स्थिति को सुधार सकती है, और इसका सीधा असर समाज के पोषण के प्रति होता है। इसलिए, हमारे समाज में महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण की देखभाल बेहद महत्वपूर्ण है। किसी भी महिला को अपने दैनिक कार्य करने, बिमारियों की रोकथाम तथा सुरक्षित व स्वस्थ प्रसव के लिए अच्छे भोजन की आवश्यकता होती है। लेकिन फिर भी पुरे संसार में किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या की तुलना में महिलाओं को कुपोषण का सबसे अधिक सामना करना पड़ता है। इसके वैसे तो बहुत कारण होते है लेकिन मुख्यता थकावट, कमजोरी, अशक्तता और बुरा स्वास्थ्य हो सकता है।
आज के इस लेख मे हम चर्चा करेंगें भुखमरी और अच्छा भोजन न खा पाने के विषय पर जिसमें सबसे प्रमुख है गरीबी। भगवान ने प्रकृति में हर चीज का सतुंलन बनाया है इससे संसार के कुछ भागों में वहां की अधिकार धन-दौलत कुछ गिने-चुने लोगों के पास होती है। कुछ किसान अन्न देने वाली फसलों की बजाय गन्ना व तम्बाकू उगाते हैं क्योंकि उनसे ज्यादा आमदनी होती है। गरीब लोग कर्जे लिए गए जमीन के छोटे से टुकड़े पर खेती करते हैं जबकि उस जमीन के मालिक फसल का एक बड़ा भाग हड़प जाते हैं।
गरीबी रेखा का सबसे कुप्रभाव महिलाओं पर पड़ता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि चाहे खाने के लिए कितना भी कम हो, महिलाओं को सबसे कम भोजन मिलता है, क्योंकि महिलाएं तभी भोजन करती हैं जब पुरुषों व बच्चों ने खा लिया हो अर्थात वे सबसे अन्त में खाती हैं। इसलिए भुखमरी तथा कुपोषण की समस्या का तब तक कोई समाधान नहीं निकल सकता है जब तक जमीन व अन्य संसाधनों का न्यायपूर्वक वितरण नहीं होता है और महिलाओं को पुरुषों के बराबरी का दर्जा नहीं मिलता है ।
इन सबके बावजूद, अनके ऐसी बातें हैं जिनका पालन करके लोग, कम पैसे में भी, बेहतर भोजन प्राप्त कर सकते हैं। यथासंभव पौष्टिक भोजन खाकर वे अपनी सामर्थ में वृधि कर सकते हैं और जब लोगों को पेट भरा होगा तो वे अपने परिवार व समुदाय की आवश्यकताओं पर ध्यान लगा सकते हैं और उनमें परिवर्तन लाने के लिए कार्यरत हो सकते हैं।
स्वास्थ्य की अवधारणा
महिलाओं का स्वास्थ्य एक व्यापक शब्द है, जिसमें उनके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक क्षेत्रों की सेहत शामिल है। एक स्वस्थ महिला के लिए उसके शारीरिक स्वास्थ्य का संतुलित होना, मानसिक स्थिति का स्थिर होना, और सामाजिक संबंधों में सकारात्मक भूमिका निभाना महत्वपूर्ण है। महिलाओं का पोषण उनके स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, एक स्वस्थ पोषण महिलाओं को ऊर्जा प्रदान करता है, उन्हें रोगों से बचाता है, और उनके शारीरिक और मानसिक विकास को समर्थ बनाता है। सही पोषण न केवल महिलाओं के व्यक्तिगत स्वास्थ्य को बनाए रखता है, बल्कि उनकी प्रजनन क्षमता और समाज में भागीदारी में भी सुधार करता है।
महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण की देखभाल
संतुलित आहार संतुलित आहार महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्हें फल, सब्जियाँ, अनाज, प्रोटीन आदि को सही मात्रा में लेना चाहिए। नियमित व्यायाम नियमित व्यायाम उनके शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है और मानसिक स्थिति को सुधारता है। नियमित चेकअप महिलाओं को नियमित चेकअप और जांच कराना चाहिए ताकि किसी भी स्वास्थ्य समस्या का समय पर पता चल सके और उसका उपचार किया जा सके। शिक्षा और सहयोग समाज में महिलाओं को स्वास्थ्य और पोषण के महत्व के बारे में जागरूक करना और उन्हें उपयुक्त सहयोग प्रदान करना चाहिए। महिलाओं का स्वास्थ्य और पोषण समृद्धि की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। समाज को इसे गंभीरता से लेना चाहिए और महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण की देखभाल में विशेष ध्यान देना चाहिए। यह समृद्धि और प्रगति की एक महत्वपूर्ण उपाय है।
मुख्य खाद्य पदार्थ और सहायक खाद्य पदार्थ
विश्व के अधिकांश भागों की तरह, भारत में भी अधिकतर लोग, लगभग हर भोजन में कोई सस्ता मुख्य खाद्य पदार्थ खातें हैं । क्षेत्र पर निर्भर करते हुए यह गेहूं, चावल , मक्का , बाजरा या आलू हो सकता है। यह मुख्य खाद्य पदार्थ ही शरीर की अधिकतर दैनिक आवश्यकताओं को पूर्ति करता है। लेकिन केवल यह मुख्य खाद्य पदार्थ अकेले ही व्यक्ति को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त नहीं है। अन्य ह्लसहायकह्व खाद्य पदार्थों की प्रोटीन्स (जो शरीर के निर्माण के आवश्यक हैं ), विटामिन व खनिज तत्व (जो शरीर की रक्षा व मरम्मत के लिए चाहिए) तथा वसा (चिकनाई) और चीनी (जो शक्ति या ऊर्जा देते हैं ) की प्राप्ति के लिए आवश्यकता पड़ती है।
महिलाओं का स्वास्थ्य और पोषण समाज के विकास में एक महत्वपूर्ण अंग है। स्वास्थ्य और पोषण की सही देखभाल न केवल महिलाओं के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए अत्यंत आवश्यक है। खासकर, उन वर्षों में जब वे गर्भवती होती हैं और मां बनती हैं, उस समय सही पोषण और स्वास्थ्य व्यवस्था न केवल उनके लिए बल्कि उनके गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। महिलाओं के स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखना जरूरी है क्योंकि वे समाज में अपने विभिन्न भूमिकाओं का निर्वाह करती हैं। एक स्वस्थ महिला ही समाज की नेत्री, शिक्षिका, नर्स, वकील, डॉक्टर और अन्य अनेक भूमिकाओं का निर्वाह कर सकती है। पोषण की दृष्टि से भी महिलाओं का स्वास्थ्य बहुत महत्वपूर्ण है। सही आहार और पोषण से महिलाएं सकारात्मक रूप से सक्षम होती हैं, उनके शारीरिक और मानसिक विकास को पूरा होता है और वे अपने अधिकारों को समझती हैं। भारत में विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर अनेक समस्याएं हैं। गर्भावस्था में पोषण संबंधी जानकारी की कमी, अनाधिकृत आहार, उपयुक्त देखभाल की कमी, स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच की कमी, और महिलाओं के शिक्षा से जुड़ी समस्याएं इनमें से कुछ हैं। समाज को इस समस्या का समाधान ढूंढने के लिए महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण को प्राथमिकता देनी चाहिए।


